लखपति दीदी विनीता: दूध के व्यवसाय से 65 लाख की आय

लखपति दीदी विनीता

महिलाएं अब विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ उद्योग जगत में भी अपनी पहचान बना रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के तरांवा ग्राम पंचायत की विनीता ऐसी ही एक प्रेरणादायक महिला हैं। अपनी कड़ी मेहनत और जुनून के दम पर विनीता आज पूर्वांचल की शीर्ष महिला सशक्तिकरण की मिसाल लखपति दीदियों में से एक बन गई हैं।

लखपति दीदी विनीता
लखपति दीदी विनीता

सोनभद्र की लखपति दीदी विनीता की कहानी

विनीता ने काशी मिल्क प्रोड्यूसर संस्था से जुड़कर दूध के व्यवसाय में कदम रखा और मात्र दो वर्षों में ₹65 लाख की आय अर्जित की है। यह उनकी असाधारण सफलता की कहानी है जो कई अन्य महिलाओं को प्रेरित कर रही है।

काशी मिल्क प्रोड्यूसर संस्था: एक प्रेरणा

काशी मिल्क प्रोड्यूसर संस्था का गठन 11 नवंबर 2021 को वाराणसी में हुआ था। मार्च 2022 से इसने दुग्ध संग्रहण और अन्य गतिविधियों को शुरू किया। आज इस संस्था से पूर्वांचल की लगभग 45,000 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इनमें से 10,429 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

यह संस्था पूर्वांचल के सात जनपदों (सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, बलिया और भदोही) से प्रतिदिन 2 लाख लीटर से अधिक दूध का संग्रहण करती है, जिससे जुड़ी महिलाओं की आय में तेजी से वृद्धि हो रही है।

संस्था की प्रमुख विशेषताएं:

  • गठन: 11 नवंबर 2021, वाराणसी में
  • कार्य प्रारंभ: मार्च 2022 से दुग्ध संग्रहण
  • सदस्य महिलाएं: लगभग 45,000
  • लखपति दीदी: 10,429 महिलाएं
  • दैनिक दुग्ध संग्रहण: 2 लाख लीटर से अधिक
  • शामिल जनपद: सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, बलिया, भदोही

विनीता का संघर्ष और सफलता

विनीता एक साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं और एक संयुक्त परिवार में रहती हैं जिसमें कुल 14 सदस्य हैं। पहले उनके पास 10-12 पशु थे और वे निजी डेयरी पर निर्भर थीं। दिन-रात अथक परिश्रम के बावजूद, उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था, जिससे गरीबी और निराशा का एक दुष्चक्र बन गया था। निजी डेयरियों से समय पर भुगतान और उचित मूल्य न मिलने के कारण घर चलाना मुश्किल था। परिवार के लिए अच्छा भोजन, कपड़े और बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा एक सपने जैसा था।

काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ने के बाद उनकी स्थिति में नाटकीय बदलाव आया। आज विनीता के पास 40 से अधिक गायें हैं, जिनकी देखभाल वे अपने परिवार के साथ करती हैं। उनकी वर्षों की मेहनत अब रंग लाई है, और उन्होंने दूध के व्यवसाय से रिकॉर्ड तोड़ आय अर्जित की है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड भी ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

विनीता कौन हैं?

विनीता उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के प्रसिद्धी गांव की निवासी हैं। वे काशी मिल्क प्रोड्यूसर संस्था से जुड़कर दूध के व्यवसाय में सफल होकर पूर्वांचल की प्रमुख लखपति दीदी विनीता में से एक बनी हैं।

काशी मिल्क प्रोड्यूसर संस्था क्या करती है?

यह संस्था पूर्वांचल के सात जनपदों से महिलाओं को जोड़कर उनसे दुग्ध संग्रहण करती है, जिससे उन्हें अपने दूध का उचित मूल्य मिल सके और उनकी आय में वृद्धि हो। यह महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम करती है।

विनीता ने दूध के व्यवसाय से कितनी आय अर्जित की है?

विनीता ने काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के साथ दूध के व्यवसाय से मात्र दो वर्षों में ₹65 लाख की आय अर्जित की है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है।

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