चंदौली साक्षरता अभियान: 9 खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोका

चंदौली साक्षरता अभियान पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।

चंदौली में साक्षरता अभियान की धीमी रफ्तार, 9 अधिकारियों का वेतन रुका

चंदौली जिले में निरक्षरता उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ की हालिया रिपोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के निरक्षर व्यक्तियों को चिह्नित कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के इस महत्वपूर्ण अभियान में भारी लापरवाही सामने आई है। जिले को दिए गए 13 हजार निरक्षरों के चिह्नांकन लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 500 व्यक्तियों की पहचान की जा सकी है, जो लक्ष्य का एक बहुत छोटा हिस्सा है।

लापरवाही पर विभाग का सख्त रुख

इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिले के सभी नौ खंड शिक्षा अधिकारियों के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। यह कदम अभियान में तेजी लाने और जिम्मेदारी तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

कहां हुई सबसे ज्यादा चूक?

जिले की आठ विकासखंडों में 1300 और एक में 1200 निरक्षर व्यक्तियों की पहचान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके बावजूद, कई क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर सर्वे कार्य शुरू ही नहीं हो पाया। सबसे खराब स्थिति सदर और चकिया क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। शासन की ओर से सख्त निर्देश के बावजूद खंड शिक्षा अधिकारियों की ढिलाई के कारण जिले का समग्र प्रदर्शन बहुत खराब रहा है।

क्या है ‘नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’?

‘नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ भारत सरकार द्वारा संचालित एक केंद्र प्रायोजित योजना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, इसका मुख्य लक्ष्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन सभी वयस्कों को बुनियादी शिक्षा, साक्षरता और जीवन कौशल प्रदान करना है जो किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गए हैं।

  • इसका उद्देश्य केवल नाम लिखना ही नहीं है।
  • यह कार्यात्मक रूप से पढ़ना और लिखना सिखाने पर केंद्रित है।
  • बुनियादी गणतीय घटनाओं (संख्या ज्ञान) को समझना और हल करना भी इसमें शामिल है।
  • यह कार्यक्रम वयस्कों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने में मदद करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: नव भारत साक्षरता कार्यक्रम क्या है?
A1: यह भारत सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के वयस्कों को बुनियादी शिक्षा, साक्षरता और जीवन कौशल प्रदान करना है।

Q2: चंदौली में साक्षरता अभियान में क्या समस्या आई?
A2: चंदौली में निरक्षरों के चिह्नांकन का लक्ष्य (13 हजार) पूरा नहीं हो पाया, केवल 500 व्यक्तियों की पहचान की गई, जिससे अभियान में भारी लापरवाही सामने आई।

Q3: कितने अधिकारियों का वेतन रोका गया है?
A3: जिले के नौ खंड शिक्षा अधिकारियों के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई गई है।

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