जिला अस्पताल में कीमोथेरेपी: कैंसर रोगियों को बड़ी राहत

जिला अस्पताल में कीमोथेरेपी

जिला अस्पताल में कीमोथेरेपी: कैंसर रोगियों को नई उम्मीद

केंद्र सरकार ने कैंसर रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब देश के जिला अस्पतालों में ही कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे मरीजों को बड़े शहरों की बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह पहल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए की गई है, ताकि मरीजों को उनके घर के करीब ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।

जिला अस्पताल में कीमोथेरेपी
जिला अस्पताल में कीमोथेरेपी

क्या है यह नई पहल?

यह सुविधा केंद्र सरकार द्वारा 2025-26 के बजट में घोषित की गई थी। इसके तहत अगले तीन वर्षों में देशभर के जिला अस्पतालों में ‘डे-केयर कैंसर सेंटर’ (DCCC) स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों का मुख्य लक्ष्य कैंसर मरीजों को उनके घर के पास ही कीमोथेरेपी की सुविधा प्रदान करना और बड़े अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करना है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

कैंसर के मरीजों और उनके परिवारों के लिए यह बदलाव कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

  • यात्रा और खर्च में कमी: ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए बड़े शहरों की यात्रा महंगी और थकाऊ होती है। जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी मिलने से उनका यात्रा खर्च बचेगा।
  • आर्थिक बोझ में राहत: कीमोथेरेपी के दौरान मरीज और उनके देखभाल करने वाले साथी दोनों को यात्रा, रहने और भोजन का खर्च उठाना पड़ता है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है। स्थानीय उपचार से यह बोझ कम होगा।
  • शारीरिक और मानसिक राहत: कमजोर कैंसर रोगियों के लिए बार-बार यात्रा करना शारीरिक रूप से कष्टदायक होता है। घर के पास इलाज मिलने से उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से राहत मिलेगी।
  • परिवार की आय में व्यवधान कम: देखभाल करने वाले को अपनी नौकरी या मजदूरी छोड़नी नहीं पड़ेगी, जिससे पारिवारिक आय पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव कम होगा।
  • बड़े अस्पतालों पर दबाव कम: इससे महानगरों के बड़े कैंसर केंद्रों पर मरीजों का दबाव कम होगा, जिससे वे अधिक गंभीर मामलों पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।

कैसे लागू होगी यह योजना?

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल को शुरू करने से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ गहन परामर्श किया गया है। मरीजों की संख्या, मौजूदा बुनियादी ढांचा और अन्य तैयारियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है, ताकि इन नए केंद्रों को प्रभावी ढंग से स्थापित किया जा सके। इस कदम से उपचार के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी कब से शुरू होगी?

यह सुविधा 2025-26 के बजट में घोषित की गई थी और अगले तीन वर्षों में देशभर के जिला अस्पतालों में ‘डे-केयर कैंसर सेंटर’ (DCCC) स्थापित किए जाएंगे।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

मुख्य उद्देश्य कैंसर मरीजों को उनके घर के करीब कीमोथेरेपी की सुविधा देना, बड़े शहरों की यात्रा के खर्च और परेशानी को कम करना और बड़े अस्पतालों पर दबाव को घटाना है।

क्या यह सुविधा सभी जिला अस्पतालों में उपलब्ध होगी?

केंद्र सरकार की योजना अगले तीन वर्षों में देशभर के जिला अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने की है। इसकी शुरुआत उन अस्पतालों से होगी जिनकी बुनियादी ढांचा और मरीजों की संख्या का विश्लेषण किया गया है।

संबंधित लेख

और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *