सोने की तस्करी फिर बढ़ी: आयात शुल्क वृद्धि का असर

सोने की तस्करी

आयात शुल्क बढ़ने से सोने की तस्करी को बढ़ावा

भारत में सोने के आयात शुल्क में हाल ही में की गई वृद्धि ने एक बार फिर इस कीमती धातु की सोने की तस्करी को बढ़ावा दिया है। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि इस कदम से तस्करों को बड़ा फायदा हुआ है, जिससे देश के वैध सोना बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

सोने की तस्करी
सोने की तस्करी

केंद्र सरकार ने मई में आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। इस फैसले का उद्देश्य मांग को नियंत्रित करना और व्यापार घाटे को कम करना था, लेकिन इसका अनपेक्षित परिणाम तस्करी में वृद्धि के रूप में सामने आया है।

2026 तक 100 टन सोने की तस्करी का अनुमान

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 तक भारत में तस्करी कर लाए जाने वाले सोने की मात्रा 100 टन को पार कर सकती है। वर्तमान में, 100 टन सोने की कीमत लगभग 14.35 अरब डॉलर है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो सरकार को शुल्क और बिक्री कर (GST) के रूप में लगभग 2.65 अरब डॉलर का भारी नुकसान होगा, क्योंकि तस्कर इन शुल्कों का भुगतान नहीं करते हैं।

ग्रे मार्केट में तस्करों को मिल रहा फायदा

ग्रे मार्केट (अनधिकृत बाजार) में तस्कर भारी छूट के साथ सोने की बिक्री कर रहे हैं। एक निजी बैंक के सर्राफा विभाग के प्रमुख के अनुसार, ग्रे मार्केट में सोने पर छूट 200 डॉलर प्रति औंस या चार प्रतिशत से अधिक हो गई है, जबकि वैध आयातक इतनी छूट देने में असमर्थ हैं।

  • तस्कर आयात शुल्क और जीएसटी (लगभग 18.45 प्रतिशत) का भुगतान नहीं करते।
  • ग्रे मार्केट में भारी छूट वैध आयातों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल बना रही है।
  • बैंकों और सोना रिफाइनर्स पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।

सोने की तस्करी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का बाजार है। वैश्विक सोने का बाजार में हो रहे बदलाव और घरेलू नीतिगत निर्णय दोनों ही सोने की तस्करी को प्रभावित करते हैं। तस्करी बढ़ने से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिरता पर भी दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव डालता है। यह मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

सोने की तस्करी क्यों बढ़ रही है?

भारत सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क में 6% से 15% की वृद्धि के कारण तस्करी बढ़ रही है। यह वृद्धि तस्करों को वैध आयातकों की तुलना में कम कीमत पर सोना बेचने का मौका देती है, जिससे उन्हें बड़ा मुनाफा होता है।

सोने की तस्करी से सरकार को क्या नुकसान है?

सोने की तस्करी से सरकार को आयात शुल्क और वस्तु एवं सेवा कर (GST) के रूप में भारी राजस्व का नुकसान होता है। अनुमान है कि यदि 100 टन सोना तस्करी से आता है, तो सरकार को करीब 2.65 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

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