एचआईपीईसी मशीन कैंसर उपचार पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।

आईएमएस बीएचयू के सर्जिकल ऑंकोलॉजी विभाग में कैंसर रोगियों के लिए एक बड़ी राहत आई है। यहां अत्याधुनिक ‘रैंड परफॉर्मर- 3 एचआईपीईसी’ मशीन स्थापित की गई है, जिससे अब कैंसर का उपचार विश्व स्तरीय तरीके से संभव होगा। यह तकनीक पूर्वांचल क्षेत्र के रोगियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी, जिन्हें अब महानगरों की ओर दौड़ने की आवश्यकता नहीं होगी।
एचआईपीईसी मशीन क्या है?
हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (एचआईपीईसी) कैंसर के इलाज की एक उन्नत विधि है। इस प्रक्रिया में, सर्जरी के तुरंत बाद लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तक गरम कीमोथेरेपी दवा को सीधे पेट या प्रभावित अंगों की भीतरी सतह में पहुंचाया जाता है। यह गर्म दवा सीधे कैंसर कोशिकाओं पर हमला करती है, जिससे स्वस्थ अंगों पर कीमोथेरेपी के दुष्प्रभाव कम हो जाते हैं।
एचआईपीईसी के प्रमुख लाभ
- कैंसर कोशिकाओं को जड़ से नष्ट करने में अधिक प्रभावी।
- दवा सीधे प्रभावित स्थान पर पहुंचती है, जिससे साइड इफेक्ट कम होते हैं।
- विश्व स्तरीय कैंसर उपचार अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध।
- रोगियों को महानगरों में महंगा इलाज कराने से मुक्ति।
किन कैंसर में यह तकनीक उपयोगी है?
एचआईपीईसी मशीन मुख्य रूप से कई प्रकार के कैंसर के उपचार में सहायक है। इनमें कोलन कैंसर, ओवरी (अंडाशय) कैंसर और एपेंडिक्स के कैंसर शामिल हैं। इसके अलावा, यह प्लूरल कैविटी और लिंब के कैंसर के उपचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पूर्वांचल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
यह अत्याधुनिक एचआईपीईसी मशीन पूर्वांचल क्षेत्र में पहली बार स्थापित की गई है। यह बीएचयू को इस क्षेत्र में कैंसर उपचार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है, जिससे हजारों रोगियों को फायदा होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: एचआईपीईसी उपचार में कितना समय लगता है?
उत्तर: उपचार का समय कैंसर के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है, लेकिन आमतौर पर यह सर्जरी के साथ ही कुछ घंटों की प्रक्रिया होती है।
प्रश्न: क्या एचआईपीईसी उपचार दर्दनाक होता है?
उत्तर: यह उपचार सर्जरी के तहत किया जाता है, इसलिए मरीज को प्रक्रिया के दौरान कोई दर्द महसूस नहीं होता है। रिकवरी के दौरान मामूली असुविधा हो सकती है।
प्रश्न: क्या यह हर तरह के कैंसर के लिए उपयुक्त है?
उत्तर: नहीं, यह मुख्य रूप से कोलन, ओवरी, एपेंडिक्स, प्लूरल कैविटी और लिंब के कुछ विशिष्ट प्रकार के कैंसर के लिए प्रभावी है।