बंद कमरों और कम वेंटिलेशन वाले स्थानों पर शुद्ध हवा की कमी एक आम समस्या है। इस समस्या का समाधान करने के लिए, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) के वैज्ञानिकों ने एक अनोखी बायो प्यूरीफायर डिवाइस विकसित की है। यह डिवाइस न केवल हवा को शुद्ध करती है, बल्कि ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ाती है और जहरीली गैसों से भी बचाती है।

बायो प्यूरीफायर डिवाइस क्या है?
यह डिवाइस शैवाल (पानी की मौजूदगी में पनपने वाली काई) का उपयोग करके हवा को साफ करती है। आमतौर पर, एयर प्यूरीफायर केवल धूल के कणों (PM 2.5 और PM10) को साफ करते हैं, लेकिन यह बायो प्यूरीफायर डिवाइस अपनी अनूठी तकनीक के कारण कहीं अधिक प्रभावी है। यह बंद कमरों को कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) मुक्त कर 20 से 30 मिनट में खुले बगीचे जैसी हवा में बदलने की क्षमता रखती है।
यह बायो प्यूरीफायर डिवाइस कैसे काम करती है?
इस डिवाइस में सूक्ष्म शैवाल (माइक्रोएल्गी) का प्रयोग किया गया है। यह प्राकृतिक और मैकेनिकल फिल्ट्रेशन के मिश्रण पर काम करती है। सूक्ष्म शैवाल प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से हवा से कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाते हैं। इसके साथ ही, इसमें माइक्रोएल्गी बायोफिल्ट्रेशन के साथ हाई-एफिशिएंसी पार्टिकुलेट एयर (HEPA) फिल्टर भी है, जो पालतू जानवरों की रूसी, धुआं, बैक्टीरिया, रोगाणु, जहरीली गैसों और अति सूक्ष्म प्रदूषकों को भी साफ कर देता है।
बायो प्यूरीफायर डिवाइस की प्रमुख विशेषताएं
- शैवाल आधारित शुद्धिकरण: सूक्ष्म शैवाल का उपयोग करके CO2 को ऑक्सीजन में बदलना।
- बहुआयामी फिल्ट्रेशन: PM 2.5, PM10, पालतू जानवरों की रूसी, धुआं, बैक्टीरिया, रोगाणु और जहरीली गैसों को हटाना।
- ऑक्सीजन स्तर में वृद्धि: हवा में ऑक्सीजन की मात्रा को प्राकृतिक रूप से बढ़ाना।
- तीव्र प्रभावशीलता: 20-30 मिनट में बंद कमरे की हवा को ताज़ा करना।
- स्वदेशी तकनीक: भारत में विकसित और पेटेंट के लिए तैयार।
विकास और राष्ट्रीय मान्यता
इस नवाचारी बायो प्यूरीफायर डिवाइस को हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) के असिस्टेंट प्रोफेसर मोहित निगम और डॉ. सैजासी दुबे ने बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर ललित कुमार सिंह के मार्गदर्शन में विकसित किया है। इस प्रोजेक्ट को MSME मंत्रालय के आइडिया हैकाथन 5.0 में 15 लाख रुपए का अनुदान मिला है। इसके अलावा, मार्च 2026 में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित स्टार्टअप मेले में इसे ‘सर्वश्रेष्ठ नवाचार’ का पुरस्कार भी मिल चुका है।
बढ़ते वायु प्रदूषण और बंद कमरों की दूषित हवा से निजात पाने के लिए यह स्वदेशी तकनीक जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- बायो प्यूरीफायर डिवाइस सामान्य एयर प्यूरीफायर से कैसे अलग है?
- सामान्य एयर प्यूरीफायर मुख्य रूप से धूल के कणों (PM 2.5/PM10) को हटाते हैं, जबकि बायो प्यूरीफायर डिवाइस सूक्ष्म शैवाल का उपयोग करके CO2 को ऑक्सीजन में बदलती है और अन्य जहरीली गैसों व सूक्ष्म प्रदूषकों को भी साफ करती है, जिससे हवा की गुणवत्ता समग्र रूप से बेहतर होती है।
- यह डिवाइस कमरे की हवा को कितनी देर में शुद्ध करती है?
- यह डिवाइस एक सामान्य बंद कमरे की हवा को लगभग 20 से 30 मिनट में कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त कर खुले बगीचे जैसी ताज़ा हवा में बदलने में सक्षम है।
- बायो प्यूरीफायर डिवाइस की अनुमानित कीमत क्या होगी?
- एक सामान्य कमरे के लिए इस डिवाइस की कीमत लगभग 15,000 रुपए तक होने की उम्मीद है। कंपनियों से बातचीत चल रही है और यह जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी।