वैश्विक अनिश्चिताओं के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026-27 भारत की मौजूदा तेज विकास दर को बनाए रखने और आत्मनिर्भर रहते हुए विकसित देश की तरफ भारत की यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए एक सधा हुआ कदम प्रस्तुत किया है। यह बजट आम आदमी के लिए प्रत्यक्ष टैक्स राहत या लोकलुभावन वादों से परे, टेक्सटाइल्स, मैन्युफैक्चरिंग और एसएमई क्षेत्र के लिए नई घोषणाओं पर केंद्रित है, जो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता रखते हैं।

बजट में पूंजीगत खर्च को 12.20 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ाने का ऐलान किया गया है, जिससे सड़क, रेल आदि के बुनियादी ढांचे का विस्तार जारी रहेगा। इसमें रेयर अर्थ, सेमीकंडक्टर, रसायन और भारी मशीनरी के लिए चीन पर निर्भरता कम करने का स्पष्ट रोडमैप भी शामिल है। वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटे को 4.3% पर सीमित रखकर वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के साथ ही अगले 5 वर्षों में देश पर कर्ज के बोझ को कम करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया है।
आम बजट 2026-27 की मुख्य बातें
1 फरवरी 2026 को देश के इतिहास में पहली बार आम बजट रविवार को पेश किया गया। लगातार अपना नौवां बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री ने अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया कि उनका ध्यान गरीब, शोषित व वंचितों पर केंद्रित रहेगा। इस बजट का कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपए अनुमानित है, जिसमें गैर-ऋण प्राप्तियों का हिस्सा 36.5 लाख करोड़ और कुल व्यय 53.5 लाख करोड़ रुपए रखा गया है।
- पूंजीगत व्यय में वृद्धि: सड़क और रेल विस्तार के लिए पूंजीगत खर्च को 12.20 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ाया गया।
- राजकोषीय अनुशासन: राजकोषीय घाटे को चालू वित्त वर्ष में जीडीपी के 4.4 प्रतिशत से घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य।
- युवा और MSME पर फोकस: स्किल डेवलपमेंट, MSME सेक्टर और सेवा क्षेत्र पर विशेष ध्यान। MSME के लिए 10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड प्रस्तावित।
- इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: एक डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और सात नए सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाने का ऐलान।
राज्यों की हिस्सेदारी और आर्थिक सुधार
बजट पेश करने के साथ ही सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिश को स्वीकार करते हुए केंद्रीय राजस्व में 41% हिस्सा राज्यों को हस्तांतरित करने के सुझाव को लागू करने का भी ऐलान किया है। आर्थिक सुधारों की दिशा में, सरकार पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है। इस बार के बजट में बैंकिंग सेक्टर को विकसित भारत की आकांक्षाओं के मुताबिक बनाने पर सुझाव देने के लिए एक समिति गठित करने का कदम उठाया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि 350 से अधिक सुधारों को शुरू किया गया है, जिसमें केंद्र व राज्यों के साथ मिलकर नियमों को आसान बनाने के लिए भी काम हो रहा है।
वैश्विक स्थिरता से निपटने का रोड मैप
वैश्विक स्थिरता से निपटने के लिए, बेहद उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों में चीन पर निर्भरता कम करने और वैश्विक सप्लाई चेन में भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता बनने को लेकर कई घोषणाएं की गई हैं। कई उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर सीमा शुल्क की दरें घटाई या पूरी तरह से खत्म की गई हैं। सेमीकंडक्टर मिशन दो की घोषणा का मकसद अब सिर्फ चिप असेंबलिंग देश बनने भर का नहीं है, बल्कि इस उद्योग का पूरा ढांचा भारत में तैयार करना है। सेवा क्षेत्र में उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाएगी जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन को मजबूत करना है। यह आम बजट 2026-27 ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी योजनाओं को नई गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा प्रस्तुत करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: आम बजट 2026-27 का कुल आकार कितना है?
A1: आम बजट 2026-27 का कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपए अनुमानित है, जिसमें गैर-ऋण प्राप्तियों का हिस्सा 36.5 लाख करोड़ है।
Q2: इस आम बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य क्या रखा गया है?
A2: चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.4 प्रतिशत से घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य रखा गया है।
Q3: आम बजट 2026-27 में MSME क्षेत्र के लिए क्या खास है?
A3: MSME के लिए 10,000 करोड़ रुपए का ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है, जो रोजगार सृजन करने वाले और निर्यात में अहम भूमिका निभाने वाले छोटे व मझोले उद्यमियों को फ्यूचर चैंपियन बनने में मदद करेगा।