शिक्षकों को डबल तोहफा पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।
यूपी के शिक्षकों को मिला दोहरा तोहफा
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के शिक्षकों के लिए दो बड़े ऐलान किए हैं। जहां एक ओर उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर छुट्टियों के दिनों में ड्यूटी से भी मुक्ति मिलेगी।
छुट्टियों के दौरान ड्यूटी से मुक्ति
माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को अब जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा छुट्टियों के दिनों में ड्यूटी पर नहीं बुलाया जा सकेगा। यह कदम शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा और उन्हें अपने अवकाश का सदुपयोग करने का अवसर देगा।
पूर्व में थी यह समस्या
- कई बार कड़ाके की ठंड जैसी विषम परिस्थितियों में भी शिक्षकों को छुट्टी के दिन बुलाया जाता था।
- यह शिकायत शासन तक पहुंची थी, जिसके बाद इस पर सख्ती से रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं।
शिक्षकों और परिवारों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा
कुछ समय पहले ही यूपी सरकार ने करीब 15 लाख शिक्षकों और उनके परिवार के सदस्यों को सरकारी व निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी। यह सुविधा आयुष्मान योजना की तर्ज पर उपलब्ध होगी।
किसे मिलेगा लाभ?
- बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े सभी शिक्षक।
- शिक्षामित्र।
- अनुदेशक।
- रसोइयां।
सरकार का खर्च और लाभ
इस योजना पर सरकार हर साल 448 करोड़ रुपये खर्च करेगी। शिक्षकों या उनके परिवार को अस्पताल में भर्ती होने या डिस्चार्ज होने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा।
- सरकार प्रति कर्मचारी सालाना लगभग 3000 रुपये का प्रीमियम खुद भरेगी।
- कर्मचारियों और उनके परिवार को 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्र. यूपी के शिक्षकों को सरकार से क्या दो बड़े तोहफे मिले हैं?
उ. यूपी सरकार ने शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा और छुट्टियों के दिनों में ड्यूटी से मुक्ति का तोहफा दिया है।
प्र. कैशलेस इलाज की सुविधा किन-किन को मिलेगी?
उ. बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयां इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
प्र. सरकार इस कैशलेस इलाज योजना पर कितना खर्च करेगी?
उ. उत्तर प्रदेश सरकार इस योजना पर हर साल लगभग 448 करोड़ रुपये खर्च करेगी और प्रति कर्मचारी 3000 रुपये का प्रीमियम भरेगी।