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यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए सख्त कदम: जिलाधिकारी चंद…

चंदौली में यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने को सख्त निर्देश

चंदौली जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को नकल विहीन और पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में केंद्र व्यवस्थापकों और अधिकारियों को नकल रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश दिए गए, जिसमें दोषी पाए जाने पर जेल भेजने तक की कार्रवाई का प्रावधान है।

कठोर नियम और दंड

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता भंग करने वाले किसी भी शिक्षक या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। नकल निवारण अधिनियम के तहत 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।

परीक्षार्थियों और केंद्र व्यवस्थापकों पर भी कार्रवाई

परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी

डीआईओएस देवेंद्र सिंह के अनुसार, जिले में 18 फरवरी से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, जिसमें 63,111 परीक्षार्थी 82 केंद्रों पर शामिल होंगे। इन सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है।

संवेदनशील केंद्रों पर विशेष नजर

जिले में अति संवेदनशील और संवेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ और एलआइयू की कड़ी निगरानी रहेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि 5 जिला स्तरीय सचल दल बनाए गए हैं और जिले को 5 जोन तथा 16 सेक्टर में बांटा गया है।

चिन्हित संवेदनशील केंद्र

इन केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं, और अनाधिकृत रूप से बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: चंदौली में यूपी बोर्ड परीक्षा कब शुरू हो रही है?

उत्तर: चंदौली जिले में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं।

प्रश्न: नकल करने पर क्या दंड का प्रावधान है?

उत्तर: नकल निवारण अधिनियम के तहत 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। परीक्षार्थी के साथ-साथ केंद्र व्यवस्थापक पर भी प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।

प्रश्न: परीक्षा केंद्रों पर निगरानी कैसे की जाएगी?

उत्तर: सभी परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, साथ ही नियमित वीडियोग्राफी और फुटेज की दैनिक जांच भी होगी। संवेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ और एलआइयू की विशेष नजर रहेगी।

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