सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने’ विनियम 2026 पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इन नए नियमों को सामान्य वर्गों के खिलाफ भेदभावपूर्ण होने के आधार पर चुनौती दी गई थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद, अब 2012 के नियम ही लागू रहेंगे, जिससे देशभर में यूजीसी के नए नियमों पर रोक का एक बड़ा प्रभाव देखने को मिलेगा।
क्या हैं यूजीसी के नए नियम जिस पर रोक लगी?
यूजीसी विनियम 2026 को 23 जनवरी 2026 को अधिसूचित किया गया था, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना था। हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने इन नियमों को मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान का उल्लंघन बताया।
- सेक्शन 3सी: यह सेक्शन जातिगत भेदभाव की बात करता है लेकिन सामान्य जाति को इससे बाहर रखा गया था, जिससे यह आरोप लगा कि यह सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव करता है।
- इक्विटी कमेटी: नए नियमों के तहत बनने वाली इक्विटी कमेटी में सामान्य समुदाय के लिए पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं था।
सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों पर क्या टिप्पणी की?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इन याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि नए नियम अस्पष्ट हैं और इनका दुरुपयोग हो सकता है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और यूजीसी के नए नियमों पर रोक अगले आदेश तक लगा दी। अगली सुनवाई 19 मार्च को निर्धारित की गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने यह भी सवाल उठाया कि “हमें जात-विहीन समाज की ओर बढ़ना चाहिए या हम पीछे जा रहे हैं?” उन्होंने केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा और एक विशेष कमेटी बनाने का भी सुझाव दिया।
याचिकाकर्ता विनीत जिंदल की दलीलें
याचिकाकर्ता विनीत जिंदल ने कोर्ट में अपनी दलीलें पेश कीं, जिस पर सीजेआई ने सराहना की। जिंदल ने खासकर दो मुख्य मुद्दों पर जोर दिया:
- सेक्शन 3सी की भेदभावपूर्ण प्रकृति: उन्होंने तर्क दिया कि यह सेक्शन सामान्य जाति को बाहर रखकर भेदभाव करता है।
- इक्विटी कमेटी में प्रतिनिधित्व का अभाव: जिंदल ने बताया कि कमेटी में सामान्य समुदाय का कोई खास प्रतिनिधित्व नहीं है।
सीजेआई ने इन दलीलों को स्वीकार किया और नियमों में संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाने का सुझाव भी दिया।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूजीसी के नए नियमों पर रोक क्यों लगाई गई है?
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक इसलिए लगाई क्योंकि उन्हें अस्पष्ट और सामान्य वर्गों के खिलाफ भेदभावपूर्ण पाया गया। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि ये नियम संविधान का उल्लंघन करते हैं और कुछ समुदायों को अनुचित लाभ देते हैं।
अब कौन से यूजीसी नियम लागू रहेंगे?
सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक, उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए यूजीसी के 2012 वाले नियम ही लागू रहेंगे। नए विनियम 2026 पर रोक लगा दी गई है।