तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र: स्वदेशी तकनीक से मिला नवजीवन

तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का नवजीवन: एक ऐतिहासिक उपलब्धि

भारत ने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के तहत एक और बहुत बड़ी सफलता अर्जित की है। महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (टीएपीएस) की यूनिट-1 जीर्णोद्धार के बाद फिर से 160 मेगावाट बिजली पैदा करने लगी है। इस उपलब्धि के साथ भारत एशिया का पहला देश बन गया है, जिसने किसी पुराने परमाणु रिएक्टर का जीवनकाल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बढ़ाया है। यह तकनीक भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इसी क्षेत्र की यूनिट-2 का काम भी अंतिम चरण में है और आने वाले महीनों में उसे भी राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा। इस संयंत्र का संचालन न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआइएल) करता है। अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए इसे 2020 में बंद कर दिया गया था। प्रक्रिया पूरी करने में 6 वर्ष लगे हैं।

स्वदेशी तकनीक का कमाल

टीएपीएस-1 और टीएपीएस-2 वर्ष 1969 में चालू हुए थे और ये एशिया के शुरुआती परमाणु रिएक्टर में गिने जाते हैं। सामान्य तौर पर परमाणु रिएक्टरों की आयु 40 से 50 वर्ष मानी जाती है, लेकिन भारतीय विज्ञानियों ने उन्नत तकनीक के जरिए इनकी उपयोगिता बढ़ा दी है। नवीनीकरण के दौरान कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:

  • नई पाइपिंग का इस्तेमाल
  • टरबाइन-जनरेटर अपग्रेड
  • डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम
  • 3D लेजर स्कैनिंग
  • जंग-रोधी सामग्री का इस्तेमाल
  • नई सुरक्षा प्रणालियाँ
  • कंट्रोल रूम का आधुनिकीकरण

भारत स्वदेशी तकनीक से संयंत्र का जीवनकाल बढ़ाने वाला एशिया का पहला देश बन गया है।

भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का यह नवीनीकरण देश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी और कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कुछ हद तक घटेगी। यह देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यूनिट-1 ने फिर से बिजली उत्पादन कब शुरू किया?

तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यूनिट-1 जीर्णोद्धार के बाद हाल ही में फिर से 160 मेगावाट बिजली पैदा करने लगी है।

भारत ने किस तकनीक से पुराने परमाणु रिएक्टर का जीवनकाल बढ़ाया है?

भारत ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके पुराने परमाणु रिएक्टर का जीवनकाल बढ़ाया है, जिसमें नई पाइपिंग, टरबाइन-जनरेटर अपग्रेड और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे सुधार शामिल हैं।

तारापुर संयंत्र का संचालन कौन करता है?

तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का संचालन न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआइएल) करता है।

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