Site icon Samachar Jagran

सरकारी कार्यालय तंबाकू मुक्त: यूपी में सख्त होंगे नियम

सरकारी कार्यालय तंबाकू मुक्त

उत्तर प्रदेश में सरकारी कार्यालय तंबाकू मुक्त होंगे

उत्तर प्रदेश सरकार ने तंबाकू के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और सख्त कदम उठाया है। अब राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों को पूरी तरह से तंबाकू मुक्त घोषित करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सरकारी कार्यालय तंबाकू मुक्त

मुख्य सचिव के अहम निर्देश

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ किया कि तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही होनी चाहिए।

ये कदम सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार, उत्पादन, आपूर्ति व वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान उठाए गए। सरकार का लक्ष्य तंबाकू से होने वाली बीमारियों के बढ़ते बोझ को कम करना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

सरकारी कार्यालयों को तंबाकू मुक्त क्यों किया जा रहा है?

सरकारी कार्यालयों को तंबाकू मुक्त करने का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करना और कर्मचारियों व आगंतुकों के लिए एक स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। यह कदम राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत लिया गया है, ताकि समाज में तंबाकू के खिलाफ एक मजबूत संदेश जा सके।

स्कूल-कॉलेजों में किस तरह के अभियान चलाए जाएंगे?

स्कूल-कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिनमें बच्चों को तंबाकू के गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों, जैसे कैंसर और हृदय रोग, के बारे में बताया जाएगा। इन अभियानों में पोस्टर, कार्यशालाएं और अन्य शैक्षिक गतिविधियां शामिल होंगी, ताकि युवा पीढ़ी को तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा सके।

संबंधित लेख

और पढ़ें

Exit mobile version