आरबीआई रिकवरी एजेंट दिशा निर्देश: ग्राहकों से बदतमीजी नहीं

आरबीआई रिकवरी एजेंट दिशा निर्देश

आरबीआई रिकवरी एजेंट दिशा निर्देश पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।

आरबीआई रिकवरी एजेंट दिशा निर्देश
आरबीआई रिकवरी एजेंट दिशा निर्देश

आरबीआई के नए रिकवरी एजेंट दिशा निर्देश: ग्राहकों को राहत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्तीय संस्थानों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत, कर्ज चुकाने में असमर्थ या देरी करने वाले ग्राहकों से रिकवरी एजेंट बदतमीजी से पेश नहीं आ पाएंगे। यह महत्वपूर्ण निर्णय बैंकों, ग्रामीण बैंकों, एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और सरकारी बैंकों सहित सभी वित्तीय संस्थानों पर लागू होगा। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित दबाव और उत्पीड़न से बचाना है, खासकर उन स्थितियों में जब वे लोन चुकाने में असमर्थ होते हैं।

रिकवरी एजेंट्स के लिए स्पष्ट नीति और योग्यता

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंकों को अब एक स्पष्ट नीति बनानी होगी। इस नीति में रिकवरी एजेंट की योग्यता, उनकी पृष्ठभूमि की जांच, आचार संहिता और उनकी गतिविधियों की निगरानी शामिल होगी। इससे उन ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी जो पहले रिकवरी के दौरान उत्पीड़न का शिकार होते थे।

  • योग्यता और प्रशिक्षण: रिकवरी एजेंट को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (IIBF) या इससे जुड़े संस्थानों से ‘डेट (कर्ज) रिकवरी एजेंट’ का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
  • आचार संहिता: बैंकों को एक विस्तृत आचार संहिता बनानी होगी, जिसमें एजेंट और बैंक कर्मचारी दोनों को शामिल किया जाएगा।
  • पारदर्शिता: बैंक अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और शाखाओं पर रिकवरी एजेंट की अपडेटेड सूची प्रदर्शित करेंगे, जिसमें एजेंट्स के नाम, संपर्क विवरण और अनुबंध की अवधि शामिल होगी।

ग्राहक सुरक्षा और गोपनीयता

नए दिशा-निर्देशों में ग्राहक सुरक्षा और उनकी जानकारी की गोपनीयता पर विशेष जोर दिया गया है।

  • पूर्व-सूचना: रिकवरी केस सौंपने से पहले, बैंक को ग्राहक को लिखित नोटिस, एसएमएस या ईमेल के माध्यम से एजेंट की जानकारी देनी होगी। यदि एजेंट बदलता है, तो इसकी तुरंत सूचना दी जाएगी।
  • गोपनीयता: ग्राहक की जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा और इसे केवल आवश्यक हद तक ही एजेंट से साझा किया जाएगा।
  • शिकायत निपटान: यदि ग्राहक कोई शिकायत दर्ज करता है, तो बैंक को रिकवरी प्रक्रिया रोकनी होगी जब तक शिकायत का निपटारा न हो जाए। हालांकि, यदि शिकायत फर्जी साबित होती है, तो प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है।

संपर्क के समय और मानवीय व्यवहार

आरबीआई ने रिकवरी एजेंट्स के संपर्क के समय और तरीके को लेकर भी सख्त नियम बनाए हैं।

  • एजेंट या बैंक कर्मी ग्राहक से संपर्क केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक कर सकते हैं।
  • यदि ग्राहक किसी विशेष समय पर कॉल न करने का अनुरोध करता है, तो उसका सम्मान किया जाएगा।
  • दुखद अवसरों जैसे परिवार में मौत, शादी या त्योहार के दौरान कॉल या विजिट से बचना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: आरबीआई के नए रिकवरी एजेंट दिशा-निर्देश किस पर लागू होते हैं?

A1: ये दिशा-निर्देश बैंकों, ग्रामीण बैंकों, एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों), हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और सभी सरकारी बैंकों सहित सभी वित्तीय संस्थानों पर लागू होते हैं।

Q2: अगर कोई रिकवरी एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है तो क्या होगा?

A2: यदि एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है, तो बैंक को उस पर दंडात्मक कार्रवाई करनी होगी, जिसमें अनुबंध समाप्त करना भी शामिल हो सकता है। ग्राहकों को शिकायत दर्ज करने का अधिकार है, जिस पर बैंक को कार्रवाई करनी होगी।

संबंधित लेख

और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *