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रक्षा बजट 2026-27: सामरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का बढ़ा हुआ रक्षा बजट आधुनिक हथियारों को दर्शाता है

सामरिक चुनौतियों का सामना करने और देश की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रक्षा आवंटन में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है। यह वृद्धि भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक स्पष्ट संदेश है, विशेष रूप से देश की सीमाओं पर मौजूद दोहरी सामरिक चुनौतियों को देखते हुए। इस ‘रक्षा बजट 2026-27’ में कुल ₹7.84 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹6.81 लाख करोड़ से काफी अधिक है।

भारत के बढ़ते रक्षा बजट के साथ सैन्य आधुनिकीकरण।

इस भारी वृद्धि के साथ, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह देश की सीमाओं पर कायम दोहरी सामरिक चुनौतियों से पूरी तरह अवगत है और उनसे निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। यह आवंटन न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए भी एक मजबूत नींव तैयार करेगा।

रक्षा बजट 2026-27: प्रमुख आवंटन और उद्देश्य

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल ₹7,84,678 करोड़ का रक्षा आवंटन किया है। यह 2025-26 के संशोधित बजट आवंटन ₹6,81,210 करोड़ की तुलना में ₹1,03,468 करोड़ अधिक है। इस समग्र आवंटन में विभिन्न महत्वपूर्ण घटक शामिल हैं:

पूंजीगत व्यय का विस्तार

पूंजीगत आवंटन का एक बड़ा हिस्सा भारतीय सेनाओं को अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस करने पर केंद्रित है। इसमें निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस वृद्धि को “ऑपरेशन सिंदूर” की ऐतिहासिक सफलता के बाद देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के संकल्प का प्रतीक बताया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल रक्षा बजट कितना है?

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल रक्षा बजट ₹7,84,678 करोड़ है।

इस रक्षा बजट में प्रमुख बढ़ोतरी किस क्षेत्र में हुई है?

इस ‘रक्षा बजट 2026-27’ में पूंजीगत आवंटन में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹34,000 करोड़ अधिक है और कुल ₹2,19,306 करोड़ है।

पेंशन के लिए कितना आवंटन किया गया है?

पेंशन के लिए ₹1,71,338 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष से ₹11,000 करोड़ अधिक है।

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