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नंबर प्लेट हटाना: बिहार-यूपी सीमा पर ओवरलोडिंग रोकने के प्रयास

नंबर प्लेट हटाना

नंबर प्लेट हटाना पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।

नंबर प्लेट हटाना

बिहार-यूपी सीमा पर ट्रकों द्वारा नंबर प्लेट हटाने का मामला

बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित खनन विभाग के नौबतपुर आई चेक गेट पर एक गंभीर समस्या सामने आई है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में गुजरने वाले ट्रकों में से कई चालक ओवरलोडिंग और ट्रांजिट पास के शुल्क से बचने के लिए अपनी नंबर प्लेट हटा रहे हैं या छुपा रहे हैं। यह एक चिंताजनक प्रवृत्ति है जो राजस्व हानि और अवैध परिवहन को बढ़ावा देती है।

आई चेक गेट क्या है?

आई चेक गेट को प्रदेश की सीमाओं पर ट्रकों की ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन को रोकने के लिए खनन विभाग द्वारा स्थापित किया गया है। यह गेट गुजरने वाले वाहनों को स्कैन करता है, और इसकी निगरानी लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य उप खनिजों के परिवहन में पारदर्शिता लाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

नंबर प्लेट क्यों हटाते हैं चालक?

ट्रक चालक और मालिक मुख्यतः दो कारणों से नंबर प्लेट हटाना या छुपाना पसंद करते हैं:

खनन विभाग की कार्रवाई

खनन विभाग इस अवैध गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय है। ऐसे वाहनों को चिन्हित किया जा रहा है जो नंबर प्लेट हटाना या छुपाना जैसे कार्य कर रहे हैं। जिला खनन अधिकारी द्वारा पहले भी प्राथमिकियां दर्ज कराई गई हैं। विभाग का लक्ष्य है कि अवैध परिवहन और राजस्व चोरी पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: नंबर प्लेट हटाना क्यों एक गंभीर अपराध है?

उत्तर: नंबर प्लेट हटाना कानूनी रूप से एक गंभीर अपराध है क्योंकि यह वाहन की पहचान छुपाता है, जिससे अवैध गतिविधियों जैसे ओवरलोडिंग और ट्रांजिट पास चोरी को बढ़ावा मिलता है। यह राजस्व हानि का कारण भी बनता है और कानून प्रवर्तन के लिए चुनौतियां पैदा करता है।

प्रश्न: ट्रांजिट पास क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: ट्रांजिट पास एक अनिवार्य दस्तावेज़ है जो उप खनिजों को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने के लिए आवश्यक होता है। यह सुनिश्चित करता है कि परिवहन कानूनी रूप से हो रहा है और सरकार को उचित शुल्क प्राप्त हो रहा है, जिससे अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण रखा जा सके।

प्रश्न: ओवरलोडिंग के लिए क्या दंड है?

उत्तर: ओवरलोडिंग के लिए पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है, जिसका प्रावधान संबंधित राज्य के खनन और परिवहन कानूनों के तहत किया गया है। ट्रांजिट पास न होने पर 10 गुना जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

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