मुकुल राय निधन पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।
मुकुल राय का निधन: पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक अध्याय समाप्त
पश्चिम बंगाल की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले टीएमसी के वरिष्ठ नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल राय का सोमवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।
टीएमसी के संस्थापक सदस्य और प्रमुख रणनीतिकार
मुकुल राय ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत यूथ कांग्रेस से की थी। 1998 में उन्होंने ममता बनर्जी के साथ मिलकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टीएमसी में महत्वपूर्ण भूमिका
- पार्टी के संस्थापक सदस्य के रूप में प्रमुख स्तंभ बने।
- राष्ट्रीय महासचिव के पद पर पहुंचे।
- 2006 में राज्यसभा के लिए चुने गए।
- 2009 में उच्च सदन में टीएमसी के नेता बने।
- 2012 में यूपीए-दो सरकार में रेल मंत्री के रूप में कार्य किया।
भाजपा में शामिल होना और फिर वापसी
शारदा चिट फंड घोटाले और नारदा स्टिंग ऑपरेशन में नाम आने के बाद पार्टी नेतृत्व से उनके संबंधों में दरार आ गई। 2017 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया।
भाजपा में योगदान:
- बंगाल में भाजपा संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया।
- 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई।
- 2021 विधानसभा चुनाव में कृष्णानगर उत्तर सीट से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की।
हालांकि, चुनाव के बाद उनका भाजपा में प्रभाव कम होता गया और जून 2021 में उन्होंने दोबारा टीएमसी में वापसी कर ली।
‘बंगाल की राजनीति के चाणक्य’
अपने चरम दौर में मुकुल राय को ‘पश्चिम बंगाल की राजनीति का चाणक्य’ कहा जाता था। वह कोलकाता के संगठनात्मक गलियारों से लेकर दिल्ली की सत्ता के केंद्र तक एक प्रभावशाली रणनीतिकार माने जाते थे।
अंतिम वर्ष और विरासत
टीएमसी में वापसी के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता पहले जैसी नहीं रही और गिरती सेहत के चलते वह धीरे-धीरे सक्रिय राजनीति से दूर होते चले गए। 2023 में डिमेंशिया से जूझने की बात सार्वजनिक हुई। 2025 में कोलकाता हाई कोर्ट ने दल-बदल कानून के उल्लंघन के कारण उन्हें विधायक पद के लिए अयोग्य ठहरा दिया था।
उनके निधन से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है, क्योंकि वह राज्य की बदलती राजनीतिक धाराओं के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: मुकुल राय कौन थे?
उत्तर: मुकुल राय पश्चिम बंगाल के एक प्रमुख राजनीतिक नेता थे, जिन्होंने टीएमसी के संस्थापक सदस्य और पूर्व रेल मंत्री के रूप में कार्य किया।
प्रश्न: मुकुल राय का निधन कब हुआ?
उत्तर: मुकुल राय का निधन सोमवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से 71 वर्ष की आयु में हुआ।
प्रश्न: उन्हें ‘बंगाल का चाणक्य’ क्यों कहा जाता था?
उत्तर: उन्हें उनकी प्रभावशाली रणनीतिक क्षमताओं और पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए ‘बंगाल का चाणक्य’ कहा जाता था।
