मालेगांव धमाका मामला: लगभग दो दशक बाद ऐतिहासिक फैसला
मालेगांव धमाका मामले में मुंबई हाई कोर्ट ने लगभग दो दशक के लंबे इंतजार के बाद एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें इस भीषण आतंकी हमले के सभी चार आरोपितों को बरी कर दिया गया है। यह घटना 2006 में हुई थी जिसमें कई लोग हताहत हुए थे, और अब न्यायपालिका ने अपना अंतिम निर्णय दिया है।
मालेगांव धमाका: पृष्ठभूमि और आरोप
8 सितंबर 2006 को शब-ए-बारात के दिन नासिक जिले के मालेगांव में हमीदिया मस्जिद और बड़ा कब्रिस्तान के पास सिलसिलेवार धमाके हुए थे। इन विस्फोटों में 37 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
इस मामले में लोकेश शर्मा, धन सिंह, राजेंद्र चौधरी और मनोहर नरवरिया को आरोपित किया गया था। इन चारों पर हत्या और आपराधिक साजिश के साथ भारतीय दंड संहिता और गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे।
हाई कोर्ट का फैसला और NIA की दलीलें
बुधवार को मुंबई हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और जस्टिस श्याम चांडक की पीठ ने विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत के 2025 के आरोप तय करने के आदेश को रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद, अब इस भीषण आतंकी हमले में कोई भी आरोपित मुकदमे का सामना नहीं कर रहा है।
सुनवाई के दौरान, एनआइए ने तर्क दिया था कि कई गवाहों ने आरोपितों के खिलाफ बयान दिए हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने इन दलीलों को अपर्याप्त माना। अदालत ने अपने अवलोकन में पाया कि एनआइए द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य कानूनी मानकों पर खरे नहीं उतरे और उनमें गंभीर कमियां थीं, जिसके आधार पर आरोपितों को बरी किया गया।
फैसले के मुख्य बिंदु:
- आरोपित लोकेश शर्मा, धन सिंह, राजेंद्र चौधरी और मनोहर नरवरिया को सभी आरोपों से बरी किया गया।
- अदालत ने एनआइए द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को कानूनी मानकों के अनुरूप नहीं पाया।
- यह फैसला 2006 के मालेगांव धमाका मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
मालेगांव धमाका कब हुआ था?
मालेगांव में सिलसिलेवार धमाके 8 सितंबर 2006 को हुए थे।
कितने लोग हताहत हुए थे?
इन धमाकों में 37 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हुए थे।
मुख्य आरोपित कौन थे और क्या हुआ उनके साथ?
इस मामले में लोकेश शर्मा, धन सिंह, राजेंद्र चौधरी और मनोहर नरवरिया मुख्य आरोपित थे, जिन्हें अब मुंबई हाई कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
