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महिला प्रधान के प्रयास: ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षित मातृत्व

ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षित मातृत्व

Kamini Kumari, an Auxillary Midwife Nurse, provides medical care to women at a rural health center. Women's equal participation in governance and leadership roles are a step towards building stronger communities and improving reproductive health services at village, block, and district levels. The Center for Catalyzing Change (C3) is strengthening the voice, participation, leadership, and influence of Elected Women Representatives to achieve these goals.

महिला प्रधान के प्रयास से ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षित हुई मातृत्व की राह

ग्रामीण भारत में आज भी कई क्षेत्रों में प्रसव के लिए दाई पर निर्भरता है, जिससे गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम बढ़ जाता है। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत सोनपुर के खैरही गांव में भी ऐसी ही स्थिति थी, जब तक कि महिला प्रधान सविता सिंह ने कमान नहीं संभाली।

ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षित मातृत्व

सोच में बदलाव और जागरूकता अभियान

2021 में प्रधान बनने के बाद, सविता सिंह ने समझा कि समस्या केवल संसाधनों की नहीं बल्कि सोच की भी है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों से संवाद किया, उन्हें समझाया कि प्रसव एक चिकित्सकीय प्रक्रिया है जिसमें समय पर उपचार और निगरानी आवश्यक है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर का कायाकल्प

सविता सिंह ने उन कमियों को दूर करने का निश्चय किया, जो महिलाओं को अस्पताल से दूर रखती थीं। गांव के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सुविधाओं की कमी थी। प्रधान ने अपने साढ़े चार वर्ष के मानदेय का उपयोग आरोग्य मंदिर को बेहतर बनाने में किया, जिससे एएनएम और ग्रामीणों का विश्वास बढ़ा।

उपलब्ध कराई गई प्रमुख सुविधाएं:

सुरक्षित मातृत्व और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

सुविधाएं बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों का विश्वास बढ़ा। अब गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, ब्लड प्रेशर जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हैं। पिछले तीन वर्षों में 100 से अधिक सुरक्षित प्रसव हो चुके हैं और अब प्रतिवर्ष लगभग 35 प्रसव हो रहे हैं। प्रधान सविता सिंह ने दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई है। उपकेंद्र में नियमित दवाएं, टीकाकरण और जांच की सुविधा उपलब्ध है। इससे आयुष्मान कार्ड धारकों की संख्या बढ़ी है और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में स्पष्ट सुधार देखा जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

ग्राम पंचायत सोनपुर के खैरही गांव में प्रसव की स्थिति पहले कैसी थी?

पहले गांव में प्रसव के लिए दाई पर निर्भरता थी और अस्पतालों में सुविधाओं व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम अधिक था।

प्रधान सविता सिंह ने आरोग्य मंदिर को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए?

उन्होंने अपने मानदेय का उपयोग आरोग्य मंदिर में इनवर्टर, पेयजल, आरओ, टंकी, डिलीवरी रूम में बेड, चादर, टाइल्स, पर्दे और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया।

प्रधान के प्रयासों के क्या मुख्य परिणाम निकले?

इन प्रयासों से 100 से अधिक सुरक्षित प्रसव हुए, नियमित जांच, टीकाकरण और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हुई, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और ग्रामीण महिलाओं का विश्वास बढ़ा है।
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