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खुदरा सीबीडीसी का इस्तेमाल: साल के अंत तक ग्राहकों के लिए

खुदरा सीबीडीसी

खुदरा सीबीडीसी: साल के अंत तक आम ग्राहकों के लिए

सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस साल के अंत तक खुदरा सीबीडीसी को आम ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जा सकता है। वर्तमान में, सीबीडीसी का उपयोग केवल बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) आधार पर किया जा रहा है। पिछले दो सालों से इसका पायलट प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चल रहा है, जो इसे खुदरा बाजार में लाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

खुदरा सीबीडीसी

अभी सीबीडीसी का इस्तेमाल

सीबीडीसी का परीक्षण कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा रहा है ताकि इसे खुदरा ग्राहकों के लिए जारी करने से पहले पूरी तरह से परखा जा सके। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि यह प्रणाली स्थिर, सुरक्षित और कुशल हो।

मुक्त राशन में सीबीडीसी का प्रयोग

पायलट प्रोजेक्ट के तहत, मुक्त राशन वितरण में सीबीडीसी का इस्तेमाल शुरू किया गया है:

इस प्रणाली के तहत, पात्र व्यक्ति के ई-वॉलेट में आरबीआई द्वारा सीबीडीसी जारी की जाएगी। यह एक कोड या क्यूआर कोड के रूप में होगा, जिसे दिखाकर व्यक्ति राशन प्राप्त कर सकेगा। इस सीबीडीसी का इस्तेमाल केवल राशन के लिए ही हो सकेगा, अन्य किसी काम में नहीं। यह विशिष्ट उपयोग इसके परीक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ब्रिक्स और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

सूत्रों के अनुसार, इस साल अगस्त-सितंबर में भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में डिजिटल करेंसी के चलन की शुरुआत का प्रस्ताव रखा जा सकता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल करेंसी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। भारत, सिंगापुर के साथ मिलकर डिजिटल करेंसी में भुगतान को लेकर भी एक पायलट प्रोजेक्ट चला रहा है, जो वैश्विक वित्तीय प्रणालियों के एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: खुदरा सीबीडीसी क्या है?

खुदरा सीबीडीसी (Central Bank Digital Currency) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी एक डिजिटल मुद्रा है, जिसे आम जनता द्वारा नकदी की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। यह फिएट मुद्रा का एक इलेक्ट्रॉनिक रूप है।

Q2: सीबीडीसी का उपयोग अभी कहाँ किया जा रहा है?

वर्तमान में, सीबीडीसी का उपयोग बिजनेस-टू-बिजनेस आधार पर किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत, गुजरात और पुडुचेरी जैसे राज्यों के कुछ जिलों में मुक्त राशन वितरण के लिए भी इसका उपयोग शुरू किया गया है।

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