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खाद सब्सिडी किसानों के खाते में: सरकार का बड़ा फैसला

खाद सब्सिडी किसानों के खाते में

खाद सब्सिडी किसानों के खाते में पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।

खाद सब्सिडी किसानों के खाते में

खाद सब्सिडी में बदलाव: किसानों को सीधा लाभ

केंद्र सरकार किसानों को दी जा रही करीब दो लाख करोड़ रुपए की वार्षिक खाद सब्सिडी की व्यवस्था में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। वर्तमान में यह सब्सिडी उर्वरक कंपनियों को मिलती है, जिससे किसानों को लागत से कम दाम पर यूरिया जैसी खाद उपलब्ध होती है। अब सरकार यह राशि सीधे किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के रूप में पहुंचाने की तैयारी में है।

क्या है नई योजना?

इस नई व्यवस्था के तहत, 2400 रुपये लागत वाली यूरिया की बोरी जैसी खाद की सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि किसान अपनी आवश्यकता और फसल के अनुसार उर्वरक का चुनाव स्वयं कर सकें। इससे सब्सिडी का वास्तविक लाभ सीधे खेतों तक पहुंचेगा और इसके उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी।

किसानों को मिलेंगे ये फायदे:

खरीद प्रक्रिया में सुधार

सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद व्यवस्था को भी समयबद्ध और जवाबदेह बनाने पर जोर दे रही है। अभी कई राज्यों में खरीद प्रक्रिया 3 महीने तक चलती है, जो छोटे किसानों के लिए मुश्किल होती है। प्रस्ताव है कि राज्यों के साथ समन्वय कर अधिकतम एक महीने के भीतर खरीद पूरी की जाए, ताकि किसानों को तुरंत भुगतान मिल सके।

भुगतान में देरी पर सख्ती

किसानों के भुगतान में देरी को लेकर सरकार का रुख सख्त होता दिख रहा है। अब किसानों का पैसा रोकने पर संबंधित एजेंसी को 12 प्रतिशत ब्याज देने का प्रावधान है। केंद्र सरकार अपने हिस्से की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजने के विकल्प पर भी काम कर रही है, ताकि भुगतान में कोई अड़चन न आए।

कृषि योजनाओं में पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन

कृषि यंत्रीकरण, ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई, पॉली हाउस और ग्रीन हाउस जैसी तकनीकों के लिए केंद्र द्वारा 18 से अधिक योजनाओं में राज्यों को संसाधन दिए जा रहे हैं। हालांकि, हाल के आकलनों में पाया गया कि सूचीबद्ध लाभार्थियों तक उपकरण पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता है।

कीटनाशक लाइसेंस प्रणाली का सरलीकरण

सरकार कीटनाशक लाइसेंस प्रणाली को भी सरल, समयबद्ध और पारदर्शी बनाने की तैयारी में है। इसका लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को शीघ्रता से बाजार में लाना और नकली व घटिया उत्पादों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: खाद सब्सिडी किसानों के खाते में क्यों दी जा रही है?

A1: खाद सब्सिडी किसानों के खातों में सीधे इसलिए दी जा रही है ताकि इसमें पारदर्शिता बढ़ाई जा सके और किसान अपनी आवश्यकतानुसार उर्वरक का चुनाव कर सकें। इससे सब्सिडी का वास्तविक लाभ सीधे खेत तक पहुंचेगा।

Q2: इससे किसानों को क्या मुख्य लाभ होंगे?

A2: किसानों को सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा, बिचौलियों की भूमिका कम होगी, और उन्हें अपनी फसल के लिए सही खाद चुनने की आजादी मिलेगी। साथ ही, साहूकारों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

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