कानपुर एविएशन स्किल हब: भारत-फ्रांस की संयुक्त पहल
भारत और फ्रांस ने अपनी राजनीतिक साझेदारी के तहत देश के पांच प्रमुख शहरों को एविएशन स्किल के हब के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिसमें कानपुर भी शामिल है। यह पहल युवाओं को विमानन और रक्षा विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो के बीच हुई बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय की पुष्टि की गई। कानपुर के नेशनल स्किल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआइ) में ‘भारत-फ्रांस नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी।
प्रमुख बिंदु
- कानपुर सहित लुधियाना, भुवनेश्वर, हैदराबाद और चेन्नई में ऐसे केंद्र स्थापित होंगे।
- यह केंद्र ‘पीएम-सेतु योजना’ के तहत केंद्रीय बजट में आवंटित राशि से स्थापित किए जा रहे हैं।
- प्रशिक्षण में एयरोनॉटिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल (MRO), एयरपोर्ट ऑपरेशंस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।
- इसका लक्ष्य भारत की एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
- सहयोग में ट्रेनर्स का प्रशिक्षण, भाषा प्रशिक्षण और छात्रों की मोबिलिटी भी शामिल है।
FAQ: कानपुर एविएशन स्किल हब के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q: कानपुर एविएशन स्किल हब क्या है?
A: यह भारत और फ्रांस के बीच एक संयुक्त पहल है जिसका उद्देश्य कानपुर सहित पांच भारतीय शहरों में विमानन और रक्षा विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में युवाओं को उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है।
Q: यह हब कहाँ स्थापित किया जा रहा है?
A: कानपुर में यह नेशनल स्किल ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआइ) में ‘भारत-फ्रांस नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
Q: इस केंद्र में किस प्रकार का प्रशिक्षण मिलेगा?
A: यहां एयरोनॉटिक्स, मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल (MRO), एयरपोर्ट ऑपरेशंस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सहित संबद्ध क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
