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अस्पतालों में स्वच्छता: नवजात शिशु संक्रमण से मौतें रोकने के उपाय

अस्पतालों में स्वच्छता की बदहाली और नवजात शिशु संक्रमण

कल्पना कीजिए एक ऐसे निसंतान दंपति की जिसे विवाह के 15 वर्ष बाद संतान प्राप्ति का सुख मिलने की आशा हो, लेकिन अस्पताल में बच्चों की देखभाल में लापरवाही और स्वच्छता की कमी के कारण उनके नवजात शिशु को संक्रमण हो जाए। भारत के कई अस्पतालों में यह एक कड़वी सच्चाई है, जहां हर साल हजारों नवजातों की मौत अस्पताल-जनित संक्रमण (Hospital Acquired Infections – HAIs) के कारण हो जाती है। यह न केवल परिवारों के लिए त्रासदी है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर भी एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।

नवजात शिशुओं में संक्रमण के मुख्य कारण

अस्पतालों में स्वच्छता सुधारने के लिए आवश्यक कदम

नवजात शिशुओं की जान बचाने के लिए अस्पतालों में स्वच्छता प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

FAQ: अस्पतालों में स्वच्छता और नवजात शिशु स्वास्थ्य

Q1: अस्पताल में नवजात शिशुओं को संक्रमण का खतरा क्यों होता है?
A1: नवजात शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, जिससे वे बैक्टीरिया और वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, खासकर अस्पताल जैसे वातावरण में जहां कई तरह के रोगाणु मौजूद होते हैं।

Q2: माता-पिता अस्पताल में अपने नवजात शिशु को संक्रमण से बचाने के लिए क्या कर सकते हैं?
A2: माता-पिता को स्वयं और शिशु को छूने वाले किसी भी व्यक्ति को अपने हाथ अच्छी तरह से धोने के लिए कहना चाहिए। उन्हें अस्पताल में स्वच्छता मानकों पर भी ध्यान देना चाहिए और किसी भी चिंता की रिपोर्ट करनी चाहिए।

Q3: भारत में नवजात शिशु मृत्यु दर में संक्रमण की क्या भूमिका है?
A3: भारत में नवजात शिशु मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक संक्रमण है। अस्पतालों में स्वच्छता की कमी और अपर्याप्त संक्रमण नियंत्रण अभ्यास इस समस्या को और बढ़ा देते हैं।

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