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गंगा एक्सप्रेसवे: गांवों को मिलेगा नया जीवन, आरामदायक यात्रा का…

गंगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे: गांवों की बदलेगी किस्मत, आरामदायक यात्रा का अनुभव

गंगा एक्सप्रेसवे, जो मेरठ से प्रयागराज (संगम) तक फैला हुआ है, सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विकास का एक नया अध्याय है। यह 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से न केवल आरामदायक यात्रा का अनुभव कराएगा, बल्कि गांवों की तस्वीर भी बदल देगा।

गंगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे की खास विशेषताएं

ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा लाभ और संपर्क मार्ग

गंगा एक्सप्रेसवे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाएगा। मेरठ से बदायूं तक एक्सप्रेसवे के अधिकांश हिस्सों में आबादी क्षेत्रों और पुराने मार्गों को जोड़ने के लिए सर्विस रोड का निर्माण किया गया है, जिससे 100 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही, खेतों और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन को आसान बनाने के लिए जगह-जगह अंडरपास भी दिए गए हैं।

मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर बिजौली गांव में, इस परियोजना के तहत 529 एकड़ में एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जो क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करेगा और आर्थिक विकास को गति देगा। गढ़मुक्तेश्वर में गंगा स्नान हो या फिर अमरोहा, संभल, बुलंदशहर व बदायूं तक पहुंचना हो, गंगा एक्सप्रेसवे इन सभी यात्राओं को सुगम बनाएगा।

गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

गंगा एक्सप्रेसवे की मुख्य विशेषता क्या है?

गंगा एक्सप्रेसवे 120 किमी/घंटा की गति से आरामदायक यात्रा, रेज्ड पेवमेंट मार्किंग, सीसीटीवी निगरानी और ANPR आधारित टोल प्रणाली जैसी उन्नत सुविधाएँ प्रदान करता है।

यह एक्सप्रेसवे कितने गांवों को लाभ पहुंचाएगा?

गंगा एक्सप्रेसवे के साथ बनाई गई सर्विस रोड और संपर्क मार्गों से 100 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनकी कनेक्टिविटी और विकास बढ़ेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे पर औद्योगिक क्षेत्र कहां विकसित किया जा रहा है?

मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर बिजौली गांव के पास 529 एकड़ में एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

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