ई-केसीसी पोर्टल: उत्तर प्रदेश में किसानों को 5 मिनट में मिलेगा ऋण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ई-केसीसी पोर्टल लॉन्च किया, जिससे किसान अब घर बैठे मात्र 5 मिनट में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण प्राप्त कर सकेंगे। यह डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो किसानों को त्वरित और आसान वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

ई-केसीसी पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ और लाभ
- तत्काल ऋण स्वीकृति: किसानों को अब ऋण के लिए एक महीने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- घर बैठे सुविधा: पोर्टल के माध्यम से किसान कहीं से भी आवेदन कर ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
- डिजिटल गवर्नेंस: प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पेपरलेस होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
- समय की बचत: त्वरित प्रक्रिया से किसानों का बहुमूल्य समय बचेगा।
नाबार्ड और कृषि ऋण की नई रूपरेखा
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार में मुख्यमंत्री ने नाबार्ड के राज्य फोकस पेपर का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 तक उत्तर प्रदेश के कृषि ऋण को 3 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा, जो पहले की तुलना में 13% अधिक है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म और सफल एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) की भी सराहना की।
उत्तर प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र का पुनरुत्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 के बाद से प्रदेश का सहकारिता क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। जहाँ पहले आरबीआई ने कई जिला सहकारी बैंकों को डिफाल्टर घोषित किया था, वहीं अब नई नीतियों और डिजिटल पहलों से यह क्षेत्र मजबूत हो रहा है, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: ई-केसीसी पोर्टल क्या है?
उत्तर: यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल माध्यम है जिसके जरिए किसान घर बैठे 5 मिनट में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
प्रश्न: ई-केसीसी पोर्टल से किसानों को क्या मुख्य लाभ मिलेगा?
उत्तर: किसानों को अब ऋण के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे तत्काल, आसान व पारदर्शी तरीके से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
प्रश्न: नाबार्ड की इसमें क्या भूमिका है?
उत्तर: नाबार्ड ने स्टेट क्रेडिट सेमिनार का आयोजन किया, जहाँ ई-केसीसी पोर्टल लॉन्च किया गया। नाबार्ड राज्य में कृषि ऋण की रूपरेखा तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।