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धान की नर्सरी: नरवन की नहरों में पानी की कमी से किसान चिंतित

नरवन में धान की नर्सरी की स्थिति: पानी के अभाव में अन्नदाता परेशान

उत्तर प्रदेश के नरवन क्षेत्र में अन्नदाताओं को इस साल जून के अंतिम सप्ताह में भी भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। नहरों में पानी न होने के कारण किसान धान की नर्सरी तैयार करने में भारी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, जिससे उनकी मुख्य जीविका खेती-किसानी प्रभावित हो रही है।

जून माह समाप्त होने वाला है, लेकिन नरवन के अधिकांश किसान अभी तक धान की नर्सरी नहीं डाल पाए हैं। आंकड़ों के अनुसार, केवल 40 प्रतिशत निजी संसाधन वाले किसान ही नर्सरी तैयार कर पाए हैं, जबकि शेष 60 प्रतिशत किसान पानी के अभाव में अपनी नर्सरी नहीं डाल सके हैं।

कौन सी नहरें हैं प्रभावित?

क्षेत्र की कई प्रमुख माइनरों और राजवाहों में पानी की घोर कमी है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। प्रभावित नहरें और माइनर इस प्रकार हैं:

सबसे चिंताजनक स्थिति अमड़ा बड़ी नहर की है, जो क्षेत्र के बड़े हिस्से को सिंचित करती है।

किसानों की व्यथा और प्रशासन से मांग

किसानों का कहना है कि वे दिन-रात कभी खेत तो कभी नहरों का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पानी नहीं मिल रहा। किसान यशवर्धन सिंह ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि नहर में पानी न रहने से धान की नर्सरी सूख रही है और वे पानी को लेकर नहरों की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। प्रशासन के दावे भी हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।

एक अन्य किसान शंकर प्रसाद ने प्रशासन से मांग की है कि अमड़ा बड़ी नहर में टेल तक पानी पहुंचाया जाए, ताकि इससे जुड़ी सभी छोटी-बड़ी नहरों में पानी जा सके और किसानों को राहत मिल सके। यह समय पर धान की नर्सरी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

धान की नर्सरी को पानी क्यों चाहिए?

धान की फसल के लिए नर्सरी एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है। इसमें धान के बीज को छोटे-से क्षेत्र में बोया जाता है और जब पौधे कुछ हफ़्ते पुराने हो जाते हैं, तो उन्हें मुख्य खेत में रोपा जाता है। इस प्रक्रिया में लगातार और पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है ताकि बीज अंकुरित हो सकें और छोटे पौधे विकसित हो सकें। पानी की कमी से बीज अंकुरित नहीं हो पाते या छोटे पौधे सूख जाते हैं, जिससे पूरी फसल प्रभावित होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: नरवन में धान की नर्सरी के लिए पानी की समस्या कब से शुरू हुई है?

उत्तर: नरवन में इस साल जून के अंतिम सप्ताह में भी नहरों में पानी नहीं आया है, जिससे धान की नर्सरी तैयार करने में किसानों को समस्या हो रही है।

प्रश्न: कितने प्रतिशत किसान पानी के अभाव में नर्सरी नहीं डाल पाए हैं?

उत्तर: लगभग 60 प्रतिशत किसान पानी के अभाव में धान की नर्सरी नहीं डाल पाए हैं, जबकि केवल 40 प्रतिशत निजी संसाधन वाले किसान ही सफल हुए हैं।

प्रश्न: किसान प्रशासन से क्या मांग कर रहे हैं?

उत्तर: किसान प्रशासन से अमड़ा बड़ी नहर में टेल तक पानी पहुंचाने की मांग कर रहे हैं, ताकि सभी छोटी-बड़ी नहरों में पानी पहुंच सके और धान की नर्सरी को बचाया जा सके।

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