बीएचयू एमडी एमएस एडमिशन 2025: 5 लाख का बांड अनिवार्य
नेशनल बोर्ड का एग्जामिनेशन (एनबीई) और मेडिकल काउंसिल समिति (एमसीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, सत्र 2025 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) में दाखिला प्रक्रिया तेज कर दी गई है। एमडी, एमएस और डीएनबी पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए संस्थान ने विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिसमें 5 लाख रुपए का अनिवार्य बांड भरना शामिल है।
एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों के लिए फीस 40,176 रुपए तय की गई है, जिसका भुगतान नकद या कार्ड से किया जा सकता है। यह बांड सुनिश्चित करता है कि छात्र अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद संस्थान या सरकार द्वारा निर्धारित अवधि तक सेवा दें।
दाखिले के लिए जरूरी दस्तावेज
दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि भौतिक सत्यापन के बिना प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी। निम्नलिखित प्रमुख दस्तावेज आवश्यक हैं:
- एनबीई व एमसीसी द्वारा जारी सीट आवंटन पत्र, एडमिट कार्ड और रैंक लेटर
- एमबीबीएस के सभी वर्षों की मार्कशीट व डिग्री या अनंतिम प्रमाण पत्र
- हाईस्कूल सर्टिफिकेट
- आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस
- 31 जुलाई 2025 तक इंटर्नशिप पूरी होने का प्रमाण पत्र
सुरक्षा शर्तों का सार्वजनिकीकरण
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सत्र के लिए शुल्क संरचना और सुरक्षा शर्तों को भी सार्वजनिक कर दिया है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे।
एफसीसीएस कोर्स: जान बचाने के गुर सीखे विशेषज्ञ
बीएचयू आईएमएस में सात और आठ फरवरी को फंडामेंटल क्रिटिकल केयर सपोर्ट (एफसीसीएस) कोर्स सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यशाला में देश भर के विशेषज्ञों ने गंभीर मरीजों की देखभाल और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त किया।
निदेशक प्रोफेसर एस.एन. शंखवार ने बताया कि आपातकालीन और गहन चिकित्सा इकाइयों में संरचित प्रशिक्षण की अत्यधिक आवश्यकता है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों की समय पर पहचान और शुरुआती प्रबंधन से मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नई दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल के कोर्स डायरेक्टर डॉक्टर सीमांत झा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में व्याख्यानों के साथ ही व्यवहारिक मॉड्यूल पर विशेष जोर दिया गया।
आपातकालीन चिकित्सा का महत्व
कार्यशाला में एयरवे मैनेजमेंट, मैकेनिकल वेंटिलेशन, सेप्सिस व न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियां और हीमोडायनमिक मानिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। डॉक्टर राजीव कुमार दुबे और डॉक्टर ए.पी. सिंह ने मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक जीवन की स्थितियों के लिए तैयार किया जा सके।
FAQ
बीएचयू एमडी एमएस में दाखिले के लिए कितना बांड भरना होगा?
बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में एमडी एमएस और डीएनबी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को 5 लाख रुपए का अनिवार्य बांड भरना होगा।
बीएचयू एमडी एमएस की फीस कितनी है?
एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों के लिए 40,176 रुपए फीस तय की गई है।
एफसीसीएस कोर्स का उद्देश्य क्या था?
एफसीसीएस कोर्स का उद्देश्य गंभीर मरीजों की देखभाल और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
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चिकित्सा शिक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की वेबसाइट देखें।
