भारत का कच्चा तेल आयात पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।

भारत एक बार फिर से पश्चिम एशिया से कच्चे तेल का आयात बढ़ा रहा है, लेकिन उसकी हिस्सेदारी अभी भी काफी ज्यादा है हालांकि भू राजनीतिक तनाव और नियम की दिक्कतों के चलते यह तेजी से बदल रहा है। 1-18 फरवरी के दौरान भारत का कुल कच्चे तेल का आयात औसतन 48.50 लाख टन वैरल प्रतिदिन था जो जनवरी के 52.50 लाख बैरल प्रतिदिन से 8 प्रतिशत कम है। अमेरिका द्वारा रूस की तेल निर्यातकों इकाइयों पर प्रतिबंध लगाने से आयात में यह कमी आई।
रूस से कच्चे तेल का आयात
शिपिंग ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि भारत का रूस से आयात दिसंबर 2023 में 12.80 लाख बैरल प्रतिदिन से घटकर जनवरी में 12.20 लाख बैरल प्रतिदिन और फरवरी की शुरुआत में लगभग 10.99 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जो महीने दर महीने लगभग 10 प्रतिशत कम है।
आयात में गिरावट के कारण
- अमेरिका द्वारा रूसी तेल निर्यातकों पर प्रतिबंध।
- भू-राजनीतिक तनाव।
- नियमों से संबंधित दिक्कतें।
रियल- टाइम ग्लोबल कमोडिटी इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स केप्लर में रिफाइनिंग एंड माडलिंग के लीड रिसर्च एनालिस्ट सुमित रिटोलिया ने कहा, “फरवरी में भारत में रूस का कच्चे तेल का आयात लगभग 10 से 12 लाख बैरल प्रतिदिन रहने का अनुमान है और इसकी मार्च में लगभग 8 लाख से 10 लाख बैरल तक रह जाने की उम्मीद है। 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद छूट पर मिलने के चलते भारत ने रूस का कच्चा तेल खरीदना शुरू किया था।”
पश्चिम एशिया से तेल आयात में वृद्धि
रूस से आयात घटने के साथ ही भारत ने पश्चिम एशिया से तेल आयात में वृद्धि की है। यह रणनीतिक बदलाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
सऊदी अरब से आयात
रिटोलिया ने कहा कि सऊदी अरब से आयात फरवरी में 10 लाख से 11 लाख बैरल प्रतिदिन तक रह सकता है और यह नवंबर 2019 के बाद से सबसे ज्यादा है। महीने- दर- महीने की आवक मार्च की शुरुआत में उम्मीद के मुताबिक लगभग 14 लाख बैरल प्रति दिन तक रह सकती है। यह दिखाता है कि कैसे भारत भारतीय अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: भारत का कच्चा तेल आयात क्यों कम हुआ?
उत्तर: अमेरिका द्वारा रूसी तेल निर्यातकों पर लगाए गए प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत के कुल कच्चे तेल आयात में कमी आई है, विशेषकर रूस से आने वाले तेल की मात्रा घटी है।
प्रश्न: पश्चिम एशिया से भारत का तेल आयात क्यों बढ़ा?
उत्तर: रूस से आयात घटने और वैश्विक तेल बाजार की बदलती परिस्थितियों के कारण भारत ने पश्चिम एशिया, खासकर सऊदी अरब जैसे देशों से तेल आयात बढ़ाना शुरू कर दिया है। यह वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति श्रृंखला को संतुलित रखने का एक प्रयास है।