भारत-इजरायल रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।
भारत-इजरायल रक्षा सहयोग: एक नई ऊंचाई
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, भारत अपनी रक्षा तैयारियों को लगातार मजबूत कर रहा है। हाल ही में फ्रांस के साथ रक्षा सहयोग का रोडमैप तय करने के बाद, अब भारत अपने एक और प्रमुख साझेदार इजरायल के साथ एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते की तैयारी में है। यह समझौता संवेदनशील प्रौद्योगिकी से जुड़ा है और उम्मीद है कि अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान इसकी घोषणा की जाएगी।
इजरायल के नई दिल्ली में राजदूत रूबेन अजार ने इस बारे में संकेत दिए, यह दर्शाता है कि यह यात्रा दोनों देशों के लिए बहुत सफल रहने वाली है। मोदी की यह 2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा होगी, जबकि नेतन्याहू 2018 में भारत आए थे।
समझौते के प्रमुख बिंदु
- यह समझौता बेहद संवेदनशील रक्षा प्रौद्योगिकी से संबंधित होगा।
- यह दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान और संयुक्त विकास को बढ़ावा देगा।
- रक्षा और कारोबार क्षेत्र में सहयोग इस यात्रा के मुख्य एजेंडे में शामिल होगा।
- राजदूत अजार के अनुसार, यह समझौता भारत-इजरायल संबंधों में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
यह महत्वपूर्ण कदम भारत की रक्षा क्षमताओं को और सशक्त करेगा, साथ ही इजरायल के साथ उसके रणनीतिक संबंधों को गहरा करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: भारत-इजरायल के बीच किस तरह का रक्षा समझौता अपेक्षित है?
उत्तर: यह समझौता संवेदनशील प्रौद्योगिकी से जुड़ा होगा और दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान तथा संयुक्त विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
प्रश्न: प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा का क्या महत्व है?
उत्तर: यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संबंधों को गहरा व व्यापक बनाने में सहायक होगी।