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भारत ग्लोबल मेडिकल हब: बजट 2026 का स्वास्थ्य क्षेत्र पर फोकस

भारत को ग्लोबल मेडिकल हब बनाने के लिए नए स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का निर्माण।

भारत ग्लोबल मेडिकल हब पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।

बजट 2024 के तहत देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

बजट 2024 में केंद्र सरकार ने भारत को एक मजबूत ग्लोबल मेडिकल हब के रूप में स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से आम नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के बाद, सरकार अब जिला स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हर जिले में इमरजेंसी और ट्रामा केयर सेंटर खोलने का प्रावधान इसी रणनीति का हिस्सा है। साथ ही, भारत को वैश्विक उपचार केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र बनाने की भी घोषणा की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल बजट आवंटन लगभग 10% बढ़कर 1.06 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है।

सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवरों की कमी होगी दूर

ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी और अप्लाइड साइकोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ कर्मियों की कमी को देखते हुए, सरकार ने अगले 5 वर्षों में एक लाख सहयोगी स्वास्थ्य सेवा पेशेवर तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इससे अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में सुधार आने की उम्मीद है। यह पहल भारत को ग्लोबल मेडिकल हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन को जारी रखते हुए, राज्यों में अत्यधिक स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्माण के लिए 4,770 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष से 570 करोड़ रुपए अधिक है। इस मिशन पर 5 वर्षों में लगभग 66,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाने की योजना है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का आधार मजबूत होगा।

भारत को ग्लोबल मेडिकल हब: मेडिकल टूरिज्म को नई गति

भारत पहले ही मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में उभर रहा है। बजट में इसे और गति देने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इन हब में इलाज, शिक्षा, अनुसंधान, पुनर्वास, आयुष केंद्र और पर्यटन सुविधा एक साथ उपलब्ध होगी। संबंधित राज्यों को इसके लिए केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी।

दवाओं की गुणवत्ता और सस्ती चिकित्सा पर फोकस

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जहरीले कफ सिरप की घटनाओं के बाद, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को और मजबूत करने की घोषणा की गई है। दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और शोध को बढ़ावा देने के लिए 1000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कैंसर उपचार से जुड़े 17 दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को आयात शुल्क से मुक्त कर सस्ती चिकित्सा का रास्ता भी खोला गया है।

मानसिक स्वास्थ्य और बुजुर्गों की देखभाल

बढ़ती बुजुर्ग आबादी और मानसिक स्वास्थ्य की जरूरत को ध्यान में रखते हुए, उत्तर भारत में ‘निमहांस टू’ (NIMHANS-2) की स्थापना की घोषणा की गई है। साथ ही, रांची और तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

बायोफार्मा का भी हब बनेगा भारत

दुनिया के फार्मा हब के रूप में पहले से स्थापित भारत अब बायोफार्मा का भी एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके लिए अगले 5 सालों के लिए 10,000 करोड़ रुपए की बायोफार्मा शक्ति की घोषणा की गई है। इससे कैंसर, बीपी और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों का जैविक दवाओं से सस्ता व बेहतर इलाज सुलभ हो सकेगा। वित्त मंत्री के अनुसार, बायोफार्मा शक्ति का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए तीन नए राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) स्थापित किए जाएंगे, और मौजूद सात संस्थाओं का उन्नयन कर बायोफार्मा केंद्रित नेटवर्क का हिस्सा बनाया जाएगा। बायोटेक्नोलॉजी पर आधारित बायोफार्मा जटिल और गंभीर बीमारियों के बेहतर और सस्ते इलाज के लिए जैविक दवाओं का उभरता हुआ क्षेत्र है, जिससे भारत ग्लोबल मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बजट 2024 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मुख्य फोकस क्या है?

बजट 2024 का मुख्य फोकस भारत को ग्लोबल मेडिकल हब बनाना, जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना, सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवरों की कमी दूर करना और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देना है।

भारत ग्लोबल मेडिकल हब कैसे बनेगा?

भारत पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र स्थापित करके, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करके, बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर, और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करके एक ग्लोबल मेडिकल हब बनेगा।

बायोफार्मा शक्ति योजना का क्या उद्देश्य है?

बायोफार्मा शक्ति योजना का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जिससे जटिल बीमारियों के लिए सस्ती और प्रभावी जैविक दवाएं उपलब्ध हो सकें।

दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को मजबूत किया जाएगा, और 1000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

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