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भारत अमेरिका व्यापार समझौता: यूपी के विकास का गेम चेंजर

भारत अमेरिका व्यापार समझौता

भारत अमेरिका व्यापार समझौता: उत्तर प्रदेश के विकास में गेम चेंजर

भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है, जिसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के औद्योगिक और कृषि विकास के लिए एक गेम चेंजर बताया है। यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती प्रदान करेगा और साथ ही युवाओं व महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।

भारत अमेरिका व्यापार समझौता

समझौते की मुख्य बातें और लाभ

इस समझौते के तहत, अमेरिकी टैरिफ को औसतन 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है, जबकि कई श्रेणियों में इसे शून्य कर दिया गया है। इसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख उद्योगों को मिलेगा:

लगभग 30 अरब डॉलर से अधिक के भारतीय निर्यात को 18% रेसीप्रोकल टैरिफ के दायरे में लाया जाएगा और लगभग 14 श्रेणियों में चुनिंदा उत्पादों को शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा।

कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता यूपी के किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। अब ताजे फल-सब्जियां बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के सीधे अमेरिकी बाजार में पहुंचेंगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।

हाई-टेक निवेश और औद्योगिक विनिर्माण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि यह समझौता केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं है:

संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समझौते में संवेदनशील कृषि क्षेत्रों जैसे डेयरी, अनाज और पोल्ट्री को सुरक्षित रखा गया है। भारत की खाद्य सुरक्षा और स्थानीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। आयात की प्रक्रिया संतुलित और चरणबद्ध होगी ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है, जो उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भारत अमेरिका व्यापार समझौता क्या है?

यह भारत और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता है जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करने और शुल्क दरों को घटाने पर सहमति बनी है।

इस समझौते से उत्तर प्रदेश को क्या लाभ होगा?

उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल, कार्पेट, लेदर, कृषि उत्पादों और हाई-टेक उद्योगों को अमेरिकी बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा, निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

क्या भारतीय किसानों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा?

नहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि डेयरी, अनाज और पोल्ट्री जैसे संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा गया है ताकि स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।

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