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प्रतिबंधित मांझा: उपयोग करने पर हत्या का मुकदमा, डीजीपी का सख्त आदेश

प्रतिबंधित मांझा कानून

प्रतिबंधित मांझा: यूपी में उपयोग करने पर लगेगा हत्या का मुकदमा

उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि प्रतिबंधित मांझे से कोई दुर्घटना होती है और किसी की मृत्यु होती है, तो उपयोग करने वाले व्यक्ति पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

प्रतिबंधित मांझा कानून

डीजीपी के सख्त निर्देश और कार्रवाई

वाराणसी में प्रतिबंधित मांझे से हुई मौत और पुलिस कार्रवाई

वर्ष 2025 में वाराणसी के कोनिया निवासी विवेक शर्मा की प्रतिबंधित मांझे से गला कटने के कारण मृत्यु हो गई थी। इस घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने त्वरित कार्रवाई की:

लखनऊ में मांझे से मौत और घायल होने की घटनाएं

लखनऊ में भी प्रतिबंधित मांझे के कारण गंभीर दुर्घटनाएं सामने आई हैं:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: क्या प्रतिबंधित मांझे का उपयोग करने पर वास्तव में हत्या का मुकदमा दर्ज हो सकता है?

उत्तर: हाँ, डीजीपी राजीव कृष्ण के आदेशानुसार, यदि प्रतिबंधित मांझे से किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो मांझे का उपयोग करने वाले व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

प्रश्न: प्रतिबंधित मांझे के विक्रेताओं पर क्या कार्रवाई होगी?

उत्तर: प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों के खिलाफ छापेमारी, माल की जब्ती और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गैर इरादतन हत्या या अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा भी शामिल हो सकता है।

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