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औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन: कंपनियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन

कंपनियों को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन

हाल ही में कैबिनेट बैठक में राज्य में निवेश करने वाली एक दर्जन से अधिक कंपनियों को विभिन्न योजनाओं के तहत प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इन कंपनियों में विदेशी निवेशक भी शामिल हैं, जिन्हें एफडीआई (FDI) और अन्य नीतियों के तहत भूमि व एसजीएसटी (SGST) प्रतिपूर्ति के रूप में सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह कदम राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन

प्रमुख निवेश प्रोत्साहन नीतियां

सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए कई नीतियां अपनाई हैं, जिनमें एफडीआई व एफसीआई नीति, फॉर्च्यून ग्लोबल-500 व फॉर्च्यून इंडिया-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 शामिल हैं। इन नीतियों के तहत निम्नलिखित कंपनियों को भूमि पर सब्सिडी दिए जाने की स्वीकृति मिली है:

इसके अतिरिक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत, मेगा परियोजना की श्रेणी में मेसर्स गैलेन्ट इस्पात लिमिटेड को 56.36 करोड़ रुपए की जीएसटी प्रतिपूर्ति जारी करने को भी स्वीकृति मिली है।

त्वरित निवेश प्रोत्साहन और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण

कोविड-19 महामारी के कारण उद्योगों के विकास के लिए त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत, गोरखपुर की कंपनी अंकुर उद्योग को 55.93 करोड़ रुपए की राशि एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति के रूप में स्वीकृत की गई है। इसी नीति के तहत, गैलेंट इस्पात लिमिटेड (गोरखपुर) को 25.62 करोड़ और मेजर्स पसवारा पेपर लिमिटेड (मेरठ) को 1.8 करोड़ रुपए एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे।

इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बड़ा निवेश

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का एक प्रमुख केंद्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। प्रदेश सरकार ने एलजी (LG), हायर (Haier) और पैजेट (Paget) जैसी बड़ी कंपनियों के निवेश प्रस्तावों को कैबिनेट से स्वीकृति देकर उन्हें वित्तीय प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। लगभग 1800 करोड़ रुपए से अधिक के इन निवेशों से राज्य में 19,000 से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे युवाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण नीति-2020 (प्रथम संशोधन-2022) के तहत पूंजी सहित विभिन्न प्रकार के वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इस नीति को 7 फरवरी को जारी अधिसूचना के माध्यम से द्वितीय संशोधन के रूप में 20 अगस्त 2027 तक प्रभावी रखा गया है।

इन दोनों परियोजनाओं के लिए सरकार ने वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराने हेतु ‘लेटर ऑफ कंफर्ट’ जारी करने का भी निर्णय लिया है।

FAQ: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन

यहां औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन से संबंधित कुछ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न दिए गए हैं:

Q1: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्यों दिया जाता है?

A1: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन कंपनियों को राज्य में निवेश करने, उत्पादन बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रेरित करने हेतु दिया जाता है, जिससे राज्य का आर्थिक विकास होता है।

Q2: कौन सी कंपनियां औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के लिए पात्र हैं?

A2: विभिन्न सरकारी नीतियों जैसे एफडीआई नीति, फॉर्च्यून ग्लोबल-500 निवेश प्रोत्साहन नीति, और अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति के तहत निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाली कंपनियां पात्र होती हैं।

Q3: प्रोत्साहन राशि किस रूप में प्रदान की जाती है?

A3: प्रोत्साहन राशि आमतौर पर भूमि पर सब्सिडी, एसजीएसटी (SGST) प्रतिपूर्ति, पूंजीगत सब्सिडी और अन्य वित्तीय/गैर-वित्तीय प्रोत्साहनों के रूप में प्रदान की जाती है।

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