अपाचे हेलीकॉप्टर होवित्जर तोपें पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।
अमेरिका ने भारत के अपाचे हेलीकॉप्टरों और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन सेवा पैकेज को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया है। इस कदम से भारतीय सेना की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस प्रस्तावित बिक्री की अनुमानित कुल लागत 48.22 करोड़ डॉलर है।
मुख्य बातें
- यह समर्थन सेवा भारत के अपाचे हेलीकॉप्टरों और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के लिए है।
- इसकी अनुमानित कुल लागत 48.22 करोड़ डॉलर है।
- अमेरिका के डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी ने 17 जून को इसकी अधिसूचना जारी की।
- इसमें गैर-प्रमुख रक्षा उपकरणों में सहायता सामग्री, कलपुर्जे, मरम्मत, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता शामिल होगी।
भारत के लिए महत्व
भारतीय सेना ने विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में अपनी मारक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अमेरिका से एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर खरीदे थे। ये तोपें सटीक मारक क्षमता प्रदान करती हैं।
इसके अतिरिक्त, भारतीय सेना एएच-64ई अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टरों का संचालन करती है, जिन्हें दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक माना जाता है। ये हेलीकॉप्टर युद्ध क्षेत्र में सहायता अभियानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका द्वारा प्रदान की जा रही यह सपोर्ट सर्विस इन महत्वपूर्ण सैन्य परिसंपत्तियों के प्रभावी रखरखाव और संचालन को सुनिश्चित करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: अमेरिका भारत को किस प्रकार की सपोर्ट सर्विस प्रदान करेगा?
उत्तर: अमेरिका भारत के अपाचे हेलीकॉप्टर होवित्जर तोपों के लिए रखरखाव से जुड़ी सपोर्ट सर्विस, संबंधित उपकरण, सहायता सामग्री, कलपुर्जे, मरम्मत, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य भारतीय सेना की इन उन्नत प्रणालियों के प्रभावी संचालन और रखरखाव को सुनिश्चित करना है।
प्रश्न: इस रक्षा सौदे की कुल अनुमानित लागत कितनी है?
उत्तर: इस प्रस्तावित रक्षा सौदे की कुल अनुमानित लागत 48.22 करोड़ अमेरिकी डॉलर है, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण निवेश है।
यह समझौता भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को और गहरा करता है और भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में सहायक है। अधिक जानकारी के लिए, आप अमेरिकी विदेश विभाग की वेबसाइट देख सकते हैं।
