एच-1बी वीजा शुल्क रद्द: ट्रंप को झटका, भारतीय पेशेवरों को राहत

एच-1बी वीजा शुल्क रद्द

एच-1बी वीजा शुल्क रद्द: ट्रंप को झटका, भारतीय पेशेवरों को राहत

अमेरिकी संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा झटका देते हुए एच-1बी वीजा पर लगाए गए एक लाख डालर के अतिरिक्त शुल्क को अवैध करार देकर रद्द कर दिया है। बोस्टन स्थित मैसाचुसेट्स फेडरल कोर्ट के न्यायाधीश लियो सोरोकिन ने सोमवार को इस शुल्क को एक कर (टैक्स) की तरह बताया, जिसे लागू करने के लिए कांग्रेस से कोई वैधानिक मंजूरी नहीं ली गई थी। यह फैसला भारतीय पेशेवरों और अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है।

एच-1बी वीजा शुल्क रद्द
एच-1बी वीजा शुल्क रद्द

अदालत का ऐतिहासिक फैसला

यह महत्वपूर्ण फैसला 20 डेमोक्रेटिक राज्यों के अटार्नी जनरलों की ओर से दायर याचिका पर आया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि एच-1बी याचिकाओं पर एक लाख डालर का शुल्क लगाने का अधिकार राष्ट्रपति या प्रशासन को नहीं दिया गया है। जज ने इस नीति को प्रशासनिक प्रक्रिया कानून (एनपीए) के भी विपरीत माना।

ट्रंप प्रशासन ने सितंबर 2025 में यह शुल्क लागू किया था, जिसके बाद एच-1बी वीजा के लिए लागत में भारी वृद्धि हो गई थी। इससे पहले, नियुक्ताओं को आमतौर पर दो हजार से पांच हजार डालर तक का शुल्क देना पड़ता था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 15 फरवरी 2026 तक केवल 85 आवेदकों ने ही यह नया शुल्क जमा कराया था, जिससे आवेदन संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी।

भारतीय पेशेवरों पर असर और आगे की राह

एच-1बी वीजा कार्यक्रम के तहत हर वर्ष 65,000 नियमित वीजा और अमेरिकी उच्च डिग्रीधारकों के लिए 20,000 अतिरिक्त वीजा जारी किए जाते हैं। भारतीय पेशेवर इस कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी हैं, और हाल के वर्षों में स्वीकृत एच-1बी वीजा में लगभग तीन-चौथाई हिस्सेदारी भारतीयों की रही है।

इस फैसले का भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने गर्मजोशी से स्वागत किया है। उनका मानना है कि:

  • इससे रोजगार आधारित आव्रजन व्यवस्था में भरोसा बढ़ेगा।
  • यह अमेरिका की नवाचार, शोध और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को बल देगा।

हालांकि, व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि वह इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देगा, जिससे एच-1बी वीजा व्यवस्था को लेकर कानूनी और नीतिगत विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का फैसला भारतीय आईटी पेशेवरों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और अमेरिकी कंपनियों के लिए तात्कालिक राहत भरा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: एच-1बी वीजा पर रद्द किया गया शुल्क कितना था?

उत्तर: अमेरिकी अदालत ने एच-1बी वीजा पर लगाए गए एक लाख डालर (लगभग 82 लाख रुपये) के अतिरिक्त शुल्क को रद्द कर दिया है।

प्रश्न: इस फैसले से किसे मुख्य रूप से फायदा होगा?

उत्तर: इस फैसले से मुख्य रूप से भारतीय आईटी पेशेवरों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा, जो एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर निर्भर करते हैं।

प्रश्न: क्या यह मामला यहीं खत्म हो गया है?

उत्तर: नहीं, व्हाइट हाउस ने इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देने का संकेत दिया है, जिसका अर्थ है कि कानूनी विवाद अभी जारी रह सकता है।

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