सरकारी गेहूं खरीद 2025-26: लक्ष्य और मुख्य बातें
भारत सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। इस वर्ष 30 मार्च से 15 जून तक गेहूं की खरीद की जाएगी और लक्ष्य 50 लाख टन रखा गया है। यह निर्णय कैबिनेट की बैठक में गेहूं क्रय नीति को स्वीकृति मिलने के बाद लिया गया।

मुख्य बिंदु
- खरीद अवधि: 30 मार्च से 15 जून तक (रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए)
- लक्ष्य: 50 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): ₹2585 प्रति क्विंटल (पिछले वर्ष से ₹160 की वृद्धि)
- क्रय केंद्र: 6500 केंद्र स्थापित किए जाएंगे
- एजेंसियां: खाद एवं रसद विभाग की विपणन शाखा सहित आठ क्रय एजेंसियां
- भुगतान: 48 घंटे के भीतर डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर खरीद का लक्ष्य 30 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन किया गया है। किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।
किसानों के लिए सुविधाएँ
सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इन केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने की उचित व्यवस्था की जा रही है। इसके अतिरिक्त, गेहूं की उतराई, छनाई व सफाई के लिए किसानों को ₹20 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा। यह कदम किसानों को उनकी उपज बेचने की प्रक्रिया में आने वाली कठिनाइयों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
FAQ: सरकारी गेहूं खरीद
Q1: सरकारी गेहूं खरीद कब शुरू होगी?
A1: सरकारी गेहूं खरीद 30 मार्च से 15 जून तक की जाएगी।
Q2: गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) क्या है?
A2: इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
Q3: किसानों को भुगतान कितने समय में मिलेगा?
A3: किसानों को उनकी बेची गई उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में कर दिया जाएगा।