अयोध्या में रोजगार के अवसर और व्यापार का नया युग
राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद अयोध्या की आर्थिकी में अभूतपूर्व बदलाव देखा जा रहा है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ के एक अध्ययन के अनुसार, अयोध्या अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि ‘तीर्थ आधारित आर्थिक विकास का मॉडल’ बन चुकी है। यह परिवर्तन क्षेत्र में व्यापार और अयोध्या का विकास के नए द्वार खोल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आय और अयोध्या में रोजगार के अवसर में काफी वृद्धि हुई है।

राम मंदिर का आर्थिक प्रभाव
रामनगरी से सरकार को जीएसटी के रूप में 400 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, और पर्यटकों से लगभग दस हजार करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले छह महीनों में ही 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, जबकि पहले यह संख्या सालाना लगभग 1.70 लाख थी। इस भारी वृद्धि ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।
व्यापार और उद्यम में वृद्धि
राम मंदिर के निर्माण से पहले मंदिर परिसर के पास फूल-माला और प्रसाद बेचने वाले दुकानदारों की औसत कमाई 500 रुपये प्रतिदिन थी, जो अब बढ़कर औसतन ढाई हजार रुपये प्रतिदिन हो गई है। यह सिर्फ एक उदाहरण है कि कैसे अयोध्या में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
- रेस्तरां: वर्ष 2021 में लगभग 200 रेस्तरां थे, अब यह संख्या बढ़कर करीब 2000 हो गई है।
- ज्वेलरी दुकानें: आठ से बढ़कर 20 से ज्यादा हो गईं।
- बैंक शाखाएं और एटीएम: इनकी संख्या में चार गुना वृद्धि हुई है।
- कपड़ों की दुकानें: तीन गुना से ज्यादा की वृद्धि।
- मिठाई की दुकानें: इनकी संख्या में भी तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
जमीनों के दामों में भी भारी उछाल देखने को मिला है। मंदिर परिसर के आसपास की जमीनें 10 गुना तक महंगी हुई हैं, जबकि कुछ किलोमीटर दूर की जमीनों के दाम भी 25 से 40% तक बढ़े हैं।
युवाओं के लिए नए रास्ते
पर्यटन, परिवहन और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में 1.2 लाख से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। बड़ी संख्या में 20 से 25 वर्ष के युवा अब अपना व्यवसाय शुरू कर रहे हैं, जिससे युवाओं का पलायन काफी कम हो गया है। यह दर्शाता है कि अयोध्या में रोजगार के अवसर युवाओं को स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भर बना रहे हैं।
अयोध्या की विकास परियोजनाएं
एक समय था जब अयोध्या में केवल कुछ सरकारी परियोजनाएं ही विकास का प्रतीक थीं। आज 85 हजार करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जो अयोध्या को एक आधुनिक और समृद्ध शहर के रूप में बदल रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: राम मंदिर के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में क्या बदलाव आया है?
A1: राम मंदिर के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था ‘तीर्थ आधारित आर्थिक विकास का मॉडल’ बन गई है, जिसमें व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। जीएसटी राजस्व में 400 करोड़ रुपये और पर्यटकों से 10 हजार करोड़ रुपये की आय का अनुमान है।
Q2: अयोध्या में किस प्रकार के नए रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं?
A2: अयोध्या में पर्यटन, परिवहन, हॉस्पिटैलिटी, खुदरा व्यापार (जैसे रेस्तरां, ज्वेलरी, कपड़े, मिठाई की दुकानें) और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में 1.2 लाख से अधिक नए अयोध्या में रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
Q3: अयोध्या में व्यापार में कितनी वृद्धि हुई है?
A3: अयोध्या में रेस्तरां की संख्या में 10 गुना, ज्वेलरी दुकानों में ढाई गुना, बैंक शाखाओं और एटीएम में चार गुना, तथा कपड़ों और मिठाई की दुकानों में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।