उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन: 2027 चुनाव से पहले गहराता संकट
उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल सपा व बसपा ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का संगठन इस महत्वपूर्ण समय में बेपटरी दिखाई पड़ रहा है। जिस संगठनात्मक कमजोरी ने पहले भी प्रदेश में कांग्रेस के प्रभाव को कम किया था, वही कमजोरी एक बार फिर पार्टी को संकट में धकेल रही है।

संगठन सृजन अभियान और विवाद
लंबे समय तक चले संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों की एक नई टीम बनाई गई थी। लेकिन दुर्भाग्यवश, यह टीम शुरू से ही विवादों में घिर गई। नियुक्तियों में कथित तौर पर गुटबाजी और अंतरकलह के कारण कई शिकायतें सामने आईं, जिससे राष्ट्रीय नेतृत्व का भी मन मौजूदा जिलाध्यक्षों को लेकर खट्टा हो गया।
- जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर सामने आए विवाद।
- राष्ट्रीय नेतृत्व का मौजूदा जिला अध्यक्षों पर अविश्वास।
- नई नियुक्तियों से अंतरकलह बढ़ने की आशंका।
केंद्रीय पर्यवेक्षकों की भूमिका और नई चुनौतियाँ
स्थिति को संभालने के लिए, 24 जनवरी को केसी वेणुगोपालन की ओर से एक पत्र जारी कर 6 राज्यों, जिनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल था, के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के नामों की घोषणा की गई। हैरानी की बात यह है कि उत्तर प्रदेश में संगठन सृजन अभियान पहले ही पूरा हो चुका था। राष्ट्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट संदेश दिया कि इन 75 केंद्रीय पर्यवेक्षकों में से प्रत्येक को एक-एक जिले की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिसका सीधा अर्थ है कि जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां नए सिरे से होंगी। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का अनुमान है कि लगभग 75% मौजूदा अध्यक्षों को बदला जा सकता है।
2024 लोकसभा चुनाव में सपा के सहयोग से मिली 6 सीटों ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया था, लेकिन इस नए संकट ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि कांग्रेस इस आंतरिक कलह से कैसे निपटती है और 2027 के चुनाव में कितनी मजबूती से उतर पाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन में वर्तमान में क्या संकट है?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन में जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर विवाद और अंतरकलह का संकट है, जिससे पार्टी की जमीनी पकड़ कमजोर हो रही है। -
2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा?
2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में 6 सीटें जीतीं, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा था। -
नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति क्यों की जा रही है?
राष्ट्रीय नेतृत्व के मौजूदा जिला अध्यक्षों पर अविश्वास और पिछली नियुक्तियों में सामने आए विवादों के कारण नए सिरे से जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जा रही है।