अमेरिका ने माना जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग: ट्रेड डील का असर

जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग

जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग पर ताज़ा अपडेट: पूरी जानकारी नीचे पढ़ें।

जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग
जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग

भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का असर अब कूटनीतिक संबंधों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। हाल ही में अमेरिका ने समूचे जम्मू-कश्मीर और अक्साई चीन को भारत के हिस्से के रूप में दर्शाया है। पहले के नक्शों में अमेरिका गुलाम जम्मू-कश्मीर को अलग दिखाता था और अक्साई चीन को भी विवादित क्षेत्र मानता था। यह महत्वपूर्ण बदलाव भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद सामने आया है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील और बदलता कूटनीतिक रुख

व्यापार समझौते को लेकर दोनों देशों के सरकारी विभागों और मंत्रालयों द्वारा संयुक्त बयान जारी किए गए हैं। इसी कड़ी में, अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं। इस पोस्ट में भारत का संपूर्ण मानचित्र लगाया गया है, जिसमें समूचे जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग दिखाया गया है। इसमें न तो नियंत्रण रेखा (LoC) दिखाई गई है और न ही चीन के कब्जे वाले अक्साई चिन के हिस्से को अलग किया गया है। यह कदम भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंधों में बढ़ती प्रगाढ़ता का संकेत माना जा रहा है।

जम्मू कश्मीर पर अमेरिका का बदला हुआ रुख

इससे पहले, कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका का रुख यह रहा था कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मामला है, जिसे दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। यहां तक कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कश्मीर को लेकर कई बयान दिए थे, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर मध्यस्थता की पेशकश भी की थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि वे यह देखने की कोशिश करेंगे कि क्या 1000 साल बाद कश्मीर के मुद्दे पर कोई समाधान निकाला जा सकता है। अमेरिकी सरकार की तरफ से भारत के संपूर्ण मानचित्र का यह इस्तेमाल ट्रंप प्रशासन की कश्मीर नीति में किसी संभावित बदलाव का इशारा है या नहीं, इस बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है।

पहले भी कई बार अमेरिकी एजेंसियों द्वारा जम्मू-कश्मीर के नक्शे को लेकर की गई छेड़छाड़ पर भारत कड़ा विरोध जताता रहा है। वर्ष 2011 में अमेरिका के विदेश विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भारत का अधूरा नक्शा दिखाया था, जिसमें कश्मीर के एक बड़े भूभाग को पाकिस्तान का बताया गया था। उस वक्त भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद नियंत्रण रेखा को अलग से चिन्हित किया गया था। ऐसे में, यूएसटीआर का यह नया नक्शा अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें कोई विवादित हिस्सा नहीं दिखाया गया है।

अक्साई चिन: भारत-चीन विवाद का मुख्य बिंदु

अक्साई चिन, भारत और चीन के बीच विवाद का एक प्रमुख बिंदु रहा है। अक्साई चिन पर चीन के कब्जे की शुरुआत 1960 के दशक में हुई, जब उसने तिब्बत पर अपना प्रभाव जमाना शुरू किया। 1957 में तिब्बत पर कब्जे के बाद चीन इस पूरे इलाके में बहुत सक्रिय हो गया। 1962 में भारत-चीन युद्ध का मुख्य केंद्र बिंदु भी यही क्षेत्र था। युद्ध में भारत की पराजय के बाद लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर का इलाका चीन के पास चला गया। भारत इसे हमेशा जम्मू-कश्मीर के हिस्से के तौर पर अपना अभिन्न अंग मानता है।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK): एक कूटनीतिक मुद्दा

वर्ष 1947 में पाकिस्तान ने तत्कालीन जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसे भारत में आमतौर पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) कहा जाता है। भारत इसे अपना अभिन्न अंग मानता है और भारत सरकार का कहना है कि यह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का वह हिस्सा है, जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है। यह क्षेत्र भारत के लिए एक कूटनीतिक और सामरिक मुद्दा बना हुआ है।

भारत का जम्मू कश्मीर पर दृढ़ संकल्प

भारत जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता है। भारत का स्पष्ट रुख है कि पाकिस्तान से कश्मीर पर कोई भी बातचीत उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की वापसी को लेकर ही होगी। भारतीय संसद में 22 फरवरी 1994 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और सदैव रहेगा। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य भागों से अलग करने के किसी भी प्रयास का सभी आवश्यक संसाधनों के माध्यम से विरोध किया जाएगा। इसी वजह से हर वर्ष 22 फरवरी को जम्मू-कश्मीर संकल्प दिवस के रूप में याद किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: अमेरिका ने जम्मू कश्मीर के नक्शे पर अपना रुख क्यों बदला?

A1: भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के बाद अमेरिका ने अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर भारत का संपूर्ण मानचित्र जारी किया है, जिसमें जम्मू कश्मीर और अक्साई चिन को भारत का अभिन्न अंग दिखाया गया है। यह दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

Q2: भारत जम्मू कश्मीर पर क्या रुख रखता है?

A2: भारत जम्मू कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता है और संसद में पारित प्रस्ताव के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की वापसी को लेकर ही पाकिस्तान से कोई बातचीत होगी। भारत का मानना है कि जम्मू कश्मीर भारत का अविभाज्य हिस्सा है।

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