भारत अमेरिका ट्रेड डील: टेक्सटाइल, लेदर और ज्वेलरी निर्यात में 20% तक वृद्धि संभव
भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौता (भारत अमेरिका ट्रेड डील) भारतीय निर्यात के लिए नए द्वार खोल सकता है। विशेष रूप से टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स व ज्वेलरी जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में 20% तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है। निर्यातकों का मानना है कि इस समझौते का बड़ा लाभ अप्रैल से दिखना शुरू हो जाएगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ट्रेड डील से किन सेक्टरों को होगा फायदा?
यह व्यापार समझौता कई प्रमुख भारतीय निर्यात क्षेत्रों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा:
- टेक्सटाइल निर्यात में उछाल: अमेरिका के बाजार में भारतीय टेक्सटाइल निर्यात 10.5 अरब डॉलर का है। 18% शुल्क कम होने से यह दोगुना तक हो सकता है, जिससे जल्द ही 20% का इजाफा दिखने लगेगा। बांग्लादेश, कंबोडिया, चीन और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में भारत को अब बेहतर स्थिति मिलेगी।
- जेम्स व ज्वेलरी को भी लाभ: पिछले वित्त वर्ष में भारत ने अमेरिका को 10 अरब डॉलर के हीरा, जेम्स व ज्वेलरी का निर्यात किया था। 50% शुल्क के कारण इसमें गिरावट देखी गई थी, लेकिन नए समझौते से इसमें 10% का इजाफा होने की उम्मीद है।
- झींगा निर्यात में आएगी तेजी: 50% शुल्क लगने के बाद झींगा निर्यातकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। अब समुद्री उत्पाद, खासकर झींगा के निर्यात में फिर से तेजी आने की संभावना है। भारत सालाना 2.4 अरब डॉलर के झींगा का निर्यात अमेरिका को करता है।
- कृषि उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी: पिछले वित्त वर्ष में भारत ने अमेरिका को 6 अरब डॉलर के कृषि व प्रोसेस्ड आइटम निर्यात किए थे। 50% शुल्क के बाद अमेरिकी खरीदार पाकिस्तान, वियतनाम जैसे देशों की ओर मुड़ गए थे। अब कृषि आइटम के निर्यात में फिर से वृद्धि होगी।
भारतीय वित्तीय बाजारों पर असर
जानकारों का मानना है कि इस भारत अमेरिका ट्रेड डील का असर भारत के वित्तीय और पूंजी बाजारों पर लंबे समय तक सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है। अमेरिकी कंपनियों द्वारा भारत में निर्माण कराने के लिए निवेश बढ़ने की भी प्रबल संभावना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: भारत अमेरिका ट्रेड डील से किन मुख्य उत्पादों के निर्यात में वृद्धि की उम्मीद है?
A1: भारत अमेरिका ट्रेड डील से टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स व ज्वेलरी, झींगा और कृषि उत्पादों के निर्यात में मुख्य रूप से वृद्धि की उम्मीद है।
Q2: यह समझौता भारतीय निर्यातकों को कब से लाभ पहुंचाना शुरू कर सकता है?
A2: निर्यातकों का मानना है कि अप्रैल से उन्हें इस समझौते का बड़ा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा, क्योंकि नए ऑर्डर मिलने में थोड़ा समय लगेगा।
Q3: क्या अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश करेंगी?
A3: हां, अमेरिका के बाजार में निर्यात बढ़ने की संभावना को देखते हुए वहां की कंपनियां भारत में निर्माण कराने के लिए निवेश भी कर सकती हैं, क्योंकि भारत में श्रम लागत कम है।