पीएम शहरी आवास योजना: चंदौली में फर्जीवाड़ा रोकने 5 बार जियो टैग…

पीएम शहरी आवास योजना: पारदर्शिता और निगरानी

पीएम शहरी आवास योजना: पारदर्शिता और निगरानी

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (PMAY-U) के तहत आवास निर्माण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए चंदौली जिले में सख्त कदम उठाए गए हैं। अब बोनीफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) के अंतर्गत बनने वाले आवासों की निगरानी जियो टैगिंग ऐप के माध्यम से की जाएगी।

पहले जहाँ प्रधानमंत्री आवास योजना दो के तहत केवल एक बार जियो टैगिंग होती थी, वहीं अब भवन निर्माण के विभिन्न चरणों में पाँच बार जियो टैगिंग अनिवार्य कर दी गई है। निर्माण की प्रत्येक जियो टैगिंग के बाद ही अनुदान की अगली किस्त लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी।

पीएम शहरी आवास योजना: पारदर्शिता और निगरानी

लाभार्थी और अनुदान राशि

चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर, चंदौली, चकिया और सैयदराजा नगर के 657 लाभार्थियों को योजना की पहली किस्त के रूप में कुल 6.57 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को कुल 2.50 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा। इसमें 1.50 लाख रुपए केंद्र सरकार और 1.00 लाख रुपए राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे।

निर्माण कार्य शुरू होने पर पहली किस्त के रूप में 1.00 लाख रुपए जारी किए गए हैं। इसके बाद मकान निर्माण की प्रगति के अनुसार अलग-अलग चरणों में शेष अनुदान राशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी। लाभार्थियों को 1 वर्ष के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा।

जियो टैगिंग की विस्तृत प्रक्रिया

आवास निर्माण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पाँच चरणों में जियो टैगिंग की जाएगी:

  • पहला चरण: खाली प्लॉट की जियो टैगिंग।
  • दूसरा चरण: तीन माह बाद नींव की खुदाई और फाउंडेशन की जियो टैगिंग।
  • तीसरा चरण: छह माह बाद लिंटर पड़ने से पहले की स्थिति की टैगिंग।
  • चौथा चरण: नौ माह बाद छत की ढलाई होने पर जियो टैगिंग।
  • पाँचवां चरण: बारह माह बाद मकान का निर्माण पूरा होने पर अंतिम जियो टैगिंग।

निर्माण कार्य में देरी पर नियम और शर्तें

यदि लाभार्थी तीन माह में निर्धारित स्तर पर निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाता है, तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा।

15 माह तक निर्माण अधूरा रहने पर अंतिम नोटिस के रूप में तीन माह की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी। इसके बावजूद 18 माह में भी कार्य पूरा नहीं होने पर लाभार्थी से आवास सरेंडर कराया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: पीएम शहरी आवास योजना में जियो टैगिंग क्यों अनिवार्य की गई है?

उत्तर: प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में पारदर्शिता बढ़ाने, फर्जीवाड़ा रोकने और निर्माण कार्य की प्रगति की सही निगरानी के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य की गई है।

प्रश्न 2: लाभार्थियों को इस योजना के तहत कितना अनुदान मिलता है?

उत्तर: प्रत्येक लाभार्थी को कुल 2.50 लाख रुपए का अनुदान मिलता है, जिसमें 1.50 लाख रुपए केंद्र सरकार और 1.00 लाख रुपए राज्य सरकार की ओर से दिए जाते हैं।

प्रश्न 3: आवास निर्माण कार्य कितने समय में पूरा करना अनिवार्य है?

उत्तर: लाभार्थियों को 1 वर्ष (12 माह) के भीतर अपने आवास का निर्माण कार्य पूरा करना अनिवार्य है। विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 18 माह तक की मोहलत दी जा सकती है।

संबंधित लेख

और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *