आम बजट से उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगी नई उड़ान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रस्तुत आम बजट को केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध, सुधारों और वित्तीय अनुशासन की स्पष्ट अभिव्यक्ति बताया है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए अवसरों का बजट कहते हुए कहा कि इससे इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर पर्यटन तक के क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली नई गति
मुख्यमंत्री आवास पर सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट में 12.20 लाख करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। उनका मानना है कि यह विशाल निवेश कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।
रेलवे और लॉजिस्टिक्स
- सात नए रेलवे कॉरिडोर में से दो दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेंगे।
- इस्टर्न और वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी यूपी से होकर जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब आकार ले रहा है।
- वाराणसी में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित होगा, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत में कमी आएगी।
जलमार्गों का विस्तार
- पहला इनलैंड वॉटरवे वाराणसी-हल्दिया के साथ ही अयोध्या-हल्दिया, राप्ती और गोमती नदी को भी वॉटरवे से जोड़ने की तैयारी है।
आर्थिक समृद्धि और रोजगार के अवसर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 11 वर्षों के सुशासन में प्रदेश के छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।
एमएसएमई और ODOP को बढ़ावा
- एमएसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन उत्तर प्रदेश के लिए गेम चेंजर साबित होगा।
- प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनसे 3 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं।
- यह बजट ‘वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना को नई तकनीक, पैकेजिंग, डिजाइनिंग और एक्सपोर्ट से जोड़ने में लाभप्रद होगा।
बायो-फार्मा और मेडिकल हब
- ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क और गौतम बुध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क उत्तर प्रदेश को ग्लोबल बायो-फार्मा हब बनाने में सहायक होंगे।
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश की भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेमीकंडक्टर पार्क की घोषणा से उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में और मजबूत होगा।
- देश की 55% मोबाइल फोन और 60% इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे यहीं बनते हैं, जिससे मेक इन इंडिया के तहत 2 लाख करोड़ रुपए का इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित हुआ है।
- उत्तर प्रदेश में 700 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर स्थापित है, और इस क्षेत्र में 22,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हैं।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
- भगवान धन्वंतरि की जन्मस्थली काशी का चयन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के लिए होने की उम्मीद है।
- शी-मार्ट (महिला उद्यम को बाजार) और समर्थ (खेल सामग्री निर्माण) से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
आम बजट से उत्तर प्रदेश को क्या लाभ होगा?
आम बजट से उत्तर प्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, एमएसएमई को बढ़ावा, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में मजबूती, और पर्यटन तथा औद्योगिक विकास के माध्यम से नई गति मिलेगी।
यूपी में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए क्या योजनाएं हैं?
उत्तर प्रदेश को 12.20 लाख करोड़ रुपए का इंफ्रास्ट्रक्चर फंड मिलेगा। इसमें सात नए रेलवे कॉरिडोर, ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, वाराणसी में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, और विभिन्न नदियों को जलमार्ग से जोड़ने की योजनाएं शामिल हैं।
एमएसएमई सेक्टर पर बजट का क्या प्रभाव पड़ेगा?
एमएसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है, जो 96 लाख इकाइयों और 3 करोड़ जुड़े लोगों के लिए गेम चेंजर होगा। इससे ‘वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट’ को भी नई तकनीक और निर्यात से जोड़ने में मदद मिलेगी।
उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में कैसे अग्रणी है?
उत्तर प्रदेश देश के 55% मोबाइल फोन और 60% इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे बनाता है। सेमीकंडक्टर पार्क की घोषणा और 22,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों से यह क्षेत्र और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को कैसा बताया है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम बजट को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध, सुधारों और वित्तीय अनुशासन की स्पष्ट अभिव्यक्ति के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के लिए अवसरों का बजट बताया है।