भारत का सबसे बड़ा रक्षा सौदा: 114 राफेल विमान
भारत ने अपनी वायुसेना को और भी मजबूत बनाने के लिए अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने फ्रांस से 114 राफेल बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों की खरीद को हरी झंडी दी है। यह सौदा वायु सेना की मारक और प्रतिरोधी क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

वायुसेना को मिलेगी नई ताकत
इन 114 राफेल विमानों की खरीद भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच एक अंतर-सरकारी समझौते के तहत की जाएगी। यह विमान वायुसेना को युद्ध के सभी मोर्चों पर हवाई प्रभुत्व स्थापित करने में मदद करेंगे और लंबी दूरी के हमलों की क्षमता को भी बढ़ाएंगे।
- 18 राफेल विमान उड़ान के लिए तैयार स्थिति में सीधे फ्रांस से आएंगे।
- 96 राफेल विमानों का निर्माण ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ के तहत भारत में किया जाएगा।
- यह खरीद वायुसेना की मारक एवं प्रतिरोधी क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगी।
‘मेक इन इंडिया’ पर जोर
यह ऐतिहासिक सौदा ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी बढ़ावा देगा। भारत में निर्मित होने वाले 96 विमानों में 50% कलपुर्जे स्वदेशी होंगे। यह कदम भारत को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अन्य महत्वपूर्ण रक्षा खरीद
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो की भारत यात्रा से ठीक पहले डीएसी ने लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें शामिल हैं:
- कांबैट मिसाइलों की खरीद।
- एयर-शिप वेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (S-HAPS) की खरीद।
- अमेरिका से छह और पी8आई समुद्री सर्विलांस और एंटी-सबमरीन वारफेयर एयरक्राफ्ट की खरीद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: यह रक्षा सौदा कितने राफेल विमानों के लिए है?
उत्तर: यह सौदा कुल 114 राफेल बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए है।
प्रश्न: क्या सभी 114 राफेल विमान फ्रांस में बनेंगे?
उत्तर: नहीं, केवल 18 विमान फ्रांस में बनेंगे और भारत को तैयार स्थिति में मिलेंगे। बाकी 96 विमान ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ के तहत भारत में ही बनाए जाएंगे, जिनमें 50% स्वदेशी कलपुर्जे होंगे।
प्रश्न: इस सौदे का अनुमानित मूल्य क्या है?
उत्तर: इस सौदे की लागत अभी उजागर नहीं की गई है, लेकिन अनुमान है कि यह 2.90 से 3.15 लाख करोड़ रुपये तक हो सकती है।